मौन, मधुर वाणी और गुरु भक्ति से ही जीवन बनता है श्रेष्ठ : मुनि श्री विकौशल सागर महाराज : अनावश्यक बोलने से बेहतर मौन, मधुर वाणी से बनते हैं मधुर संबंध
महरौनी में मुनि श्री विकौशल सागर महाराज ने मौन, मधुर वाणी, सदाचार और गुरु भक्ति को श्रेष्ठ जीवन का आधार बताया। उन्होंने अनावश्यक बोलने से बचने, सोच-समझकर वाणी का प्रयोग करने तथा देव, शास्त्र और गुरु के प्रति श्रद्धा रखते हुए धर्ममय जीवन जीने की प्रेरणा दी। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
महरौनी • Shreephal Jain News • 04-08-2026, 07:43 pm



























