इंदौर। श्री दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद (कीर्ति स्तंभ) के अध्यक्ष आनंद गोधा एवं कार्यकारी अध्यक्ष नवीन गोधा ने धर्म, समाज और संगठन के प्रति अपने संकल्प को व्यवहार में उतारते हुए चातुर्मास-2026 की तैयारियों और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाई। उनके कार्यों ने समाज में समन्वय, सेवा और श्रद्धा का सकारात्मक संदेश दिया।

संकल्प को बनाया कर्म

आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज के इंदौर चातुर्मास को सफल बनाने का संकल्प केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा। आनंद गोधा और नवीन गोधा ने आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाई तथा समाज को साथ लेकर कार्य करने का प्रयास किया। इससे यह संदेश मिला कि नेतृत्व की पहचान उसके कार्यों से होती है।

तीनों संतों के प्रति दिखाई समान श्रद्धा

दोनों पदाधिकारियों ने मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज के चातुर्मास कलश स्थापना समारोह में सहभागिता की। इसके साथ ही आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज के चातुर्मास के लिए 31 कलशों की स्थापना की तथा अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के चातुर्मास के लिए भी मंगल कलश स्थापना भावना भाई और संतों के प्रति समान श्रद्धा और समर्पण का परिचय दिया।

संगठन की शक्ति का दिया संदेश

आनंद गोधा के नेतृत्व और नवीन गोधा के सक्रिय दायित्व निर्वहन ने यह संदेश दिया कि संगठन केवल पदों से नहीं, बल्कि सेवा, समन्वय, विश्वास और सामूहिक सहभागिता से मजबूत होता है। समाज के विभिन्न धार्मिक आयोजनों में उनकी सक्रिय भूमिका संगठनात्मक एकता का उदाहरण बनी।

तन, मन और धन से निभाया दायित्व

धर्म प्रभावना और चातुर्मास जैसे विशाल आयोजनों की सफलता समाज के सहयोग पर निर्भर करती है। इसी भावना से कार्यकारी अध्यक्ष नवीन गोधा ने तन, मन और धन से सहयोग करते हुए समाज, संत और संगठन के प्रति अपनी निष्ठा का परिचय दिया। अध्यक्ष आनंद गोधा के नेतृत्व में सामाजिक संसद ने भी समन्वित रूप से आयोजन की तैयारियों को गति प्रदान की।

समाज में एकता का बना संदेश

धार्मिक आयोजनों में विभिन्न समाजजनों और संस्थाओं की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन धर्म और समाज के कार्यों में सभी एकजुट होकर कार्य करते हैं। यही भावना चातुर्मास-2026 को सफल बनाने की सबसे बड़ी शक्ति मानी जा रही है।

सेवा ही सच्चा नेतृत्व

समाजजनों का मानना है कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो अपने वचनों पर अडिग रहे, समाज को साथ लेकर चले और स्वयं सेवा का उदाहरण प्रस्तुत करे। आनंद गोधा और नवीन गोधा की सक्रिय भूमिका ने इसी भावना को और अधिक मजबूत किया है।

आगामी लक्ष्य

सामाजिक संसद ने समाजजनों से आगामी चातुर्मास कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया है। विश्वास व्यक्त किया गया कि सामूहिक प्रयासों से चातुर्मास-2026 धर्म प्रभावना, सामाजिक समन्वय और सेवा का ऐतिहासिक अध्याय बनेगा।