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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

बोल अनमोलरक्षाबंधन : धर्मरक्षा का अमर संकल्प

रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि जैन परंपरा में धर्म, देव, शास्त्र और गुरु की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। विष्णुकुमार मुनिराज और सात सौ मुनियों की ऐतिहासिक कथा बताती है कि धर्म की सच्ची रक्षा अहिंसा, करुणा और क्षमा से होती है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 28-08-2026, 07:47 am

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धर्म भय नहीं, विवेक और आत्मनिर्भयता का मार्ग : अंशुल शास्त्री ने कहा-धर्म मनुष्य को भयभीत नहीं करता

जब भी धर्म की बात आती है, व्यक्ति के मन में अनेक प्रश्न उठने लगते हैं—यह कैसे होगा? मुझसे कोई गलती हो गई तो क्या होगा? कहीं जीवन में कोई अनिष्ट तो नहीं हो जाएगा? कहीं कोई दुख न आ जाए? यहीं से धीरे-धीरे धर्म के स्थान पर धर्म का भय जन्म लेने लगता है। मुरैना/द्रोणगिरी से पढ़िए, अंशुल जैन के मनोज जैन नायक द्वारा प्रस्तुत आलेख...

मुरैना/द्रोणगिरी • मनोज जैन नायक • 21-08-2026, 09:08 pm

स्वाधीनता संग्राम में जैन पत्रकारिता : राष्ट्रचेतना की निर्भीक आवाज़

जय हिंद! जय भारत! जय जिनेंद्र! भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह गौरवशाली अवसर केवल राष्ट्रीय उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात विभूतियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-08-2026, 04:28 pm

प्राइवेट शिक्षक भी शिक्षक है सम्मान उसका अधिकार, एहसान नहीं: कुमकुम जैन ने बताये प्राइवेट शिक्षकों के मनोभाव

आज के दौर में प्राइवेट शिक्षकों को लेकर समाज की सोच पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। क्या केवल इसलिए कि कोई शिक्षक प्राइवेट संस्था में पढ़ाता है, उसकी शिक्षा, मेहनत और काबिलियत कम हो जाती है? शिक्षक सरकारी हो या प्राइवेट, उसका मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और बेहतर भविष्य देना ही होता है। फिर प्राइवेट शिक्षक की मेहनत और शिक्षा को कमतर क्यों आंका जाए? मुरैना/द्रोणगिरी से पढ़िए, कुमकुम जैन का आलेख मनोज जैन नायक की प्रस्तुति में...

मुरैना/द्रोणगिरी • Shreephal Jain News • 14-08-2026, 05:28 pm

स्वतंत्रता दिवस पर श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र विशेष संदेश: आजादी का संकल्प भारत के लिए कुछ करें

स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि यह उस संकल्प को याद करने का दिन है, जिसके लिए असंख्य वीरों ने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया। आज जब हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, तो हमारे सामने यह प्रश्न भी होना चाहिए कि इस स्वतंत्रता को हम कितनी जिम्मेदारी, जागरूकता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर श्रमण डॉ. पुष्पेंद्र का पढ़िए, यह विशेष आलेख...

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-08-2026, 05:21 pm

भगवान महावीर से आचार्य कुंदकुंद और विद्यासागर तक: युवाओं के लिए आत्मजागरण की अनंत यात्रा, विश्व युवा दिवस पर विशेष

विश्व युवा दिवस केवल युवाओं की ऊर्जा, उत्साह और सामर्थ्य का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस प्रश्न पर विचार करने का अवसर भी है कि आज का युवा किस दिशा में आगे बढ़ रहा है और उसके जीवन का अंतिम लक्ष्य क्या है। विश्व युवा दिवस पर यह आलेख डॉ. जयेंद्रकुमार जैन ‘निप्पू’ चंदेरी की कलम से पढ़िए।

इंदौर • Shreephal Jain News • 11-08-2026, 03:25 pm

मित्रता : विश्वास, संवेदना और जीवन की सबसे बड़ी पूंजी

आज विज्ञान और तकनीक ने संसार को अभूतपूर्व रूप से निकट ला दिया है। संवाद के असंख्य माध्यम उपलब्ध हैं और दूरियां मानो समाप्त हो गई हैं। फिर भी एक गहरी विडंबना हमारे सामने है—परिचितों की संख्या बढ़ी है, लेकिन आत्मीय संबंध घटे हैं; संपर्कों का विस्तार हुआ है,

मुरैना • Shreephal Jain News • 06-08-2026, 03:42 pm

मुनि श्री सुधासागर महाराज का चातुर्मास: इंदौर के लिए आत्मसाधना, संगठन और समाज निर्माण का स्वर्णिम अवसर

रेखा संजय जैन, ग्रुप संपादक श्रीफल की कलम से इंदौर की पुण्यभूमि को परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधासागर महाराज का चातुर्मास प्राप्त होना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आत्मसाधना, संस्कार और संगठन का महापर्व है। यह अवसर समाज को नई दिशा देने, नई चेतना जगाने और एकजुट

इंदौर • Shree Phal News • 12-07-2026, 05:24 am

श्रुत पंचमी जिनवाणी का अनंत आलोक और श्रुत-परंपरा का अक्षय महोत्सव : ज्ञान की अविरल गंगा, आचार्यों की अमर साधना और आत्मजागरण का महापर्व

जब संसार का समस्त वैभव काल की धूल में विलीन हो जाता है, जब राजसत्ताएँ, साम्राज्य और सभ्यताएँ इतिहास के पृष्ठों में सिमट जाती हैं, तब भी यदि कुछ अमर रहता है तो वह है ज्ञान। श्रुत पंचमी को लेकर डॉ. जयेन्द्र जैन निप्पू का पढ़िए, विशेष आलेख.... धम्मो मगलमुक्किट्ठं, अहिंसा संजमो तवो। द

इंदौर • Shree Phal News • 17-06-2026, 12:04 am

परिवार को महाभारत नहीं, रामचरितमानस बनाएं : रामचरितमानस कर्तव्यों के पालन और त्याग की गाथा महाभारत में 'अहंकार' प्रधान

आज के दौर में बढ़ते पारिवारिक बिखराव को देखते हुए यह विचार आवश्यक हो गया है कि हम अपने घरों को कुरुक्षेत्र बनने से बचाएं। महाभारत और रामचरितमानस दो विपरीत जीवन-दृष्टिकोणों के दर्पण हैं। आज पढ़िए, अभय जैन " अकिंचन के यह विचार... आज के दौर में बढ़ते पारिवारिक बिखराव को देखते हुए यह वि

इंदौर • Shree Phal News • 15-05-2026, 10:21 pm

विश्व परिवार दिवस पर विशेष आलेख : सिमटते रिश्ते, टूटते परिवार, बदलता परिवेश

मनुष्य सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई रही है, तो वह केवल नगरों का निर्माण, विज्ञान की प्रगति अथवा आर्थिक संपन्नता नहीं, अपितु परिवार नामक वह आत्मीय संस्था है। विश्व परिवार दिवस पर सुनील सुधाकर शास्त्री का यह आलेख... मनुष्य सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धि यदि कोई रही है, तो वह के

इंदौर • Shree Phal News • 15-05-2026, 10:16 pm

गिरनार पर्वत जैनों का था है और रहेगा : जैन धर्म की तपस्या, त्याग और मोक्ष साधना का जीवंत प्रतीक है गिरनारजी

आस्था की उन शिलाओं पर आज भी नेमिनाथ प्रभु के चरणों की प्रतिध्वनि सुनाई देती है। धरती पर कुछ स्थान ऐसे होते हैं जिन्हें केवल भूगोल से नहीं समझा जा सकता। वे इतिहास की पुस्तकों से भी बड़े होते हैं, क्योंकि वहाँ मनुष्य की आस्था सदियों तक साँस लेती रहती है। आज पढ़िए, ’डॉ. जयेन्द्र जैन ‘

इंदौर • Shree Phal News • 15-05-2026, 12:58 am

सम्राट से श्रमण तक चन्द्रगुप्त मौर्य: श्रवणबेलगोला और मौन तपस्या की अमर गाथा’

भारत के इतिहास में अनेक सम्राट हुए, जिन्होंने तलवार के बल पर साम्राज्य खड़े किए, सीमाएँ बढ़ाईं और विजय के ध्वज फहराए। किन्तु इतिहास में बहुत कम ऐसे सम्राट हुए, जिन्होंने सत्ता के शिखर से उतरकर आत्मा की शांति को अपनाया। चंद्रगुप्त मौर्य उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से एक हैं। आज पढ़

इंदौर • Shree Phal News • 14-05-2026, 06:43 pm

गिरनार की पुकार अभी नहीं जागे, तो कब जागोगे? : समाज के कर्णधारों से तीखे सवाल

वर्तमान में गिरनार जी तीर्थ को लेकर जो परिस्थितियाँ बनी हुई हैं, उन्हें देखकर हृदय द्रवित है। हम वह समाज हैं जो अपने धर्म, संस्कृति और प्राचीन तीर्थों पर गर्व करते हैं। लेखक अंशुल जैन 'शास्त्री का आलेख पढ़िए, आलेख प्रस्तुति मनोज जैन नायक। वर्तमान में गिरनार जी तीर्थ को लेकर जो परि

गिरनार • Shree Phal News • 29-04-2026, 07:56 pm

विश्व धरोहर सूची में जैन धरोहरों को भी स्थान मिले : अद्वितीय और बेशकीमती हैं जैन पुरा संपदा

विश्व धरोहर दिवस, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल दिवस कहा जाता है। प्रत्येक वर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मान्यूमेंट एंड साइट्स की ओर से 1982 में की गई और बाद में यूनेस्को ने इसे वैश्विक मान्यता दी। इस दिवस का उद्देश्य मानव सभ्यता की सांस्क

इंदौर • Shree Phal News • 18-04-2026, 10:00 pm

जैन परंपरा में अक्षय तृतीया का विशेष है महत्व : अक्षय तृतीया पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा

जैन परंपरा में अक्षय तृतीया का स्थान अत्यंत उच्च, तपप्रधान और शास्त्रीय आधारों से प्रतिष्ठित है। यह पर्व केवल एक ऐतिहासिक घटना का स्मरण नहीं करता, बल्कि त्याग, संयम, आहार-विधि, तपश्चर्या और आत्मशुद्धि के सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप में अभिव्यक्त करता है। विशेषतः प्रथम तीर्थंकर भग

इंदौर • Shree Phal News • 18-04-2026, 09:58 pm

भगवान महावीर, ‘महावीर’ क्यों? : जन-जन के महावीर, ‘महावीर’ नाम के पीछे की वास्तविकता

आज अधिकांश जनमानस यह नहीं जानता कि भगवान महावीर को “महावीर” क्यों कहा जाता है। सामान्यतः यह धारणा है कि उन्होंने युद्ध लड़े होंगे, असुरों और दुर्जनों का नाश किया होगा, जैसे रामभक्त हनुमान जी ने रावण की लंका का विध्वंस किया और भगवान राम की सहायता की, इसलिए उन्हें महावीर कहा गया। प

इंदौर • Shree Phal News • 29-03-2026, 10:55 pm

महावीर जयंती पर दीक्षा और महावीर निर्वाण पर देह-निर्वाण : तप, त्याग और राष्ट्र चेतना के प्रेरक संत आचार्य श्री ज्ञानसागर जी

खंदार क्षेत्र को साधना से तीर्थ बनाने वाले तपस्वी आचार्य श्री ज्ञानसागर जी ने विश्व हिंदू परिषद की सर्वधर्म यात्रा में दिल्ली दरवाजा पर ऐतिहासिक देशना देकर हजारों श्रद्धालुओं में राष्ट्रीय गौरव और धर्म चेतना का संचार किया। पढ़िए जयेन्द्र जैन ‘निप्पू चन्देरी’ का विशेष आलेख भारतीय

इंदौर • Shree Phal News • 29-03-2026, 07:51 pm

भगवान ऋषभदेव द्वारा ब्राह्मी सुंदरी का विद्याध्ययन: भारत गौरव गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी ने समझाया विद्यादान का महत्व

गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने अयोध्या में अपने प्रवचन में कहा कि भगवान ऋषभदेव सिंहासन पर सुख से बैठे हुए थे कि उन्होंने अपना चित्त कला और विद्याओं के उपदेश में लगाया। उसी समय उनकी ब्राह्मी और सुंदरी दोनों पुत्रियां मांगलिक वेशभूषा धारणकर पिता के पास पहुंची और विनय से भगवान

इंदौर • Shree Phal News • 25-02-2026, 08:36 pm

फादर्स डे : एक जीवंत अनुभव : "सेवा के काम जारी रखना... तू सही मार्ग पर है"

हर साल जून महीने का तीसरा रविवार हमें एक ऐसे व्यक्ति की याद दिलाता है, जो हमारी परवरिश की नींव होता है — पिता। यह दिन केवल उपहार देने या शुभकामनाएं भेजने भर का अवसर नहीं, बल्कि उनके त्याग, अनुशासन, मेहनत और प्रेम को महसूस करने का दिन है, जो अक्सर शब्दों से परे होता है। आज इस विशे

इंदौर • Shreephal Jain News • 15-06-2025, 09:00 pm