सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चरित्र की त्रिवेणी से ही संभव है मोक्ष की प्राप्ति : आचार्यश्री उदारसागर महाराज
मुरैना में आचार्यश्री 108 उदारसागर महाराज ने कहा कि मोक्षमार्ग की आधारशिला सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चरित्र की त्रिवेणी है। मुनिश्री उपशान्त सागर महाराज ने पूजन सामग्री को अमूल्य रत्नों की तरह सावधानी से अर्पित करने का संदेश दिया। सायंकालीन प्रश्न मंच में बच्चों को पुरस्कार दिए गए। पढ़िए श्रीफल साथी मनोज जैन नायक की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 03-08-2026, 02:18 pm





















