💬 ज्ञान की बात

ज्ञान की बात

दैनिक जीवन में उपयोगी धार्मिक एवं व्यावहारिक ज्ञान

धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ तालमेल बैठाना भी सीखें: लौकिक शिक्षा के साथ धर्म की शिक्षा ऐसी हो, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सके

हमारे गुरुजनों से यही विनती है कि हमारी आने वाली पीढ़ी को धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ उनमें तालमेल कैसे बैठे यह शिक्षा जरूर दें। बच्चों का आत्मविश्वास इतनी ऊंचाई तक पहुंचे की वह किसी भी मुश्किल घड़ी में घबराए नहीं, बल्कि उसका समाधान निकालें। ज्ञान की बात, आपके साथ में आज हिमानी

इंदौर • Shreephal Jain News • 18-02-2023, 01:30 pm

ज्ञान की बता,आपके साथ: भगवान आदिनाथ का परिचय

gyaan kee bata,aapake saath: bhagavaan aadinaath ka parichay जैन धर्म इस काल के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ हुए है । इन्हें आदिब्रह्मा,ऋषभदेव नाम से भी जाना जाता है । जन्म अयोध्या में पिता का नाम नाभिराय और माता मरूदेवी था के यहां हुआ था । भगवान आदिनानाथ का जन्म इक्ष्वाकु वंशकुल

इंदौर • Shreephal Jain News • 30-12-2022, 11:44 pm

ज्ञान की बात, आपके साथ: भक्तामर स्त्रोत रचयिता श्री मानतुंगाचार्य का जीवन चरित

आज पढ़िए, धरियावद के नवीन के विचार जैन परम्परा में अति विश्रुत भक्तामर स्तोत्र के रचयिता हैं श्री मानतुंगाचार्य .. इनका जन्म वाराणसी में 'धनदेव' श्रेष्ठि के यहाँ हुआ था। इन्होंने अजितसूरी से दीक्षा ली। गुरु के पास से उन्हें अनेक चमत्कारिक विद्याएं प्राप्त हुईं और वे अपने समय के प

धरियावद • Shreephal Jain News • 24-12-2022, 12:13 am

ज्ञान की बात, आपके साथ: ये है पावन णमोकार मंत्र की महिमा

धरियावद . अभिलाषा जैन - जैन धर्म का सबसे बड़ा मंत्र णमोकार मंत्र है । इस मंत्र की भाषा प्राकृत हैं । मंत्र अनादि निधन है । इस मंत्र का लिपिबद्ध उल्लेख सब से पहले षड़खंडागम शास्त्र में मंगलाचरण के रूप में आचार्य पुष्पदंत-भूतबली में किया गया । इस मंत्र में अरिहंत,सिद्ध,आचार्य,उपाधा

धरियावद • Shreephal Jain News • 22-12-2022, 10:54 pm

ज्ञान की बात,आपके साथ : जानिए,जैन तीर्थंकरों की बात

आज पढ़िए, धरियावद की नैना चन्द्र प्रकाश जैन के विचार जानिए,जैन तीर्थंकरों की बात " जैन धर्म में चौबीस तीर्थंकर होते हैं। इनकी संख्या नियत है । न कभी कम, और न कभी ज्यादा । एक काल में चौबीस ही होते हैं । दुषमा -सुषमा काल में तीर्थंकर होते हैं । भगवान के लिए तीर्थंकर शब्द मात्र जैन

धरियावद • Shreephal Jain News • 19-12-2022, 09:46 pm