जीवन में संतुलन से ही मधुरता, दूसरों की नकल से बिगड़ते हैं सुर : निर्यापक मुनि समतासागर जी ने वाट इज लाइफ’ श्रृंखला में जीवन के विभिन्न आयामों को आध्यात्मिक दृष्टि से सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया
निर्यापक मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने ‘व्हाट इज लाइफ’ श्रृंखला के अंतर्गत ‘लाइफ इज ए म्यूजिक’ विषय पर जीवन के मर्म को समझाते हुए कहा कि जीवन स्वयं एक संगीत है और आवश्यकता इस बात की है कि हम इसे लयबद्ध करना सीखें। कुण्डलपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट...
कुण्डलपुर • राजीव सिंघई • 11-09-2026, 10:30 pm



























































































