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दस दिन दस परिवार सीरीज 10बिजनेस की व्यस्तता के बीच दशलक्षण में बदल जाते हैं नियम : भरत जैन परिवार में एक समय भोजन, बाहर के खाने का त्याग

दशलक्षण में भरत जैन परिवार बाहर के भोजन का त्याग कर मंदिर और धर्म-साधना के लिए समय निकालता है। सिंगापुर में रह रहा बेटा भी जैन भोजन की व्यवस्था कर पर्व की मर्यादा निभा रहा है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 25-09-2026, 01:53 pm

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हर घंटे अपडेट होंगी विशेष मंदिरों की तस्वीरें : श्रीफल जैन न्यूज के साथ जुड़े रहें, धूप दशमी की झलकियां देखते रहें

धूप दशमी पर इंदौर के लगभग 136 दिगंबर जैन मंदिरों में झांकियां और मांडले सजाए जा रहे हैं। श्रीफल जैन न्यूज की टीम विशेष मंदिरों की तस्वीरें व जानकारी इस समाचार में प्रति घंटे अपडेट करती रहेगी।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 21-09-2026, 11:16 am

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संस्कारों से सजी सफलता ही जीवन की सच्ची उपलब्धि: अभय प्रशाल में आचार्य सुनीलसागरजी ने दिए जीवन-मंत्र

अभय प्रशाल में आचार्य सुनीलसागरजी ने सफलता को संस्कार, नैतिकता और संयम से जोड़ने का संदेश दिया। आयोजन में समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 13-09-2026, 06:49 pm

टॉप न्यूज़

संपादकीय: साधु के अंतिम संस्कार के लिए भी क्या हम भूमि नहीं दे सकते?

इंदौर में कल एक मुनिराज के समाधिमरण के पश्चात उनके अग्नि संस्कार को लेकर जिस प्रकार का विवाद सार्वजनिक चर्चा और मीडिया तक पहुँचा, वह केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरे जैन समाज के लिए आत्ममंथन का विषय है। यह स्थिति हमें भीतर तक झकझोरने वाली है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 17-08-2026, 08:23 am

समाचारNews

ब्रह्मचर्य आत्मशुद्धि, संयम और आत्मस्वरूप का साधन: उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर आचार्यश्री के हुए मंगलप्रवचन, कैलाश विजयवर्गीय ने किए गुरु दर्शन

दशधर्म के अंतिम धर्म उत्तम ब्रह्मचर्य के पावन अवसर पर नेमिनगर जैन कॉलोनी में आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी गुरुदेव के सान्निध्य में आध्यात्मिक वातावरण में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। प्रातःकालीन मंगल बेला में अध्यात्म योग के माध्यम से साधना एवं आत्मचिंतन कराया गया। इंदौर से पढ़िए, आर्यिका संपूर्णमति माताजी की कलम से यह प्रस्तुति...

इंदौर • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 09:50 pm

गुरुकुल की शिक्षा अनुशासन से जीवन का होता निर्माण: आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के बारे में दिए मंगल उपदेश

दिगंबर समाज के दश लक्षण पर्व में अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की दंग की नसिया में धर्म देशना हुई। शुक्रवार को आचार्य श्री सहित साधुओं ने 100 से अधिक श्रावक श्राविकाओं ने उपवास किए तथा आचार्य श्री समक्ष 100 से अधिक श्रद्धालुओं ने वर्ष में अनेक दिन अभिषेक का नियम लेकर पुण्य का अवसर प्राप्त किया। सीकर से पढ़िए, डॉ. राजेश पंचोलिया की यह खबर...

सीकर • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 09:49 pm

झुमरीतिलैया में अनंत चतुर्दशी पर निकली ऐतिहासिक शोभायात्रा : वासुपूज्य भगवान के जयकारों और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना से गूंजा नगर

झुमरीतिलैया में मुनि सुयशसागर महाराज के सान्निध्य में अनंत चतुर्दशी पर्व श्रद्धा से मनाया गया। वासुपूज्य भगवान को रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया तथा 45 दशलक्षण व्रतधारियों का सम्मान हुआ। पढ़िए श्रीफल साथी राजकुमार जैन अजमेरा एवं नवीन जैन की रिपोर्ट।

झुमरीतिलैया (कोडरमा) • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 09:45 pm

सराक क्षेत्र में धर्मप्रभावना के साथ संपन्न हुआ पर्युषण महापर्व : तीन राज्यों के 50 गांवों से जुड़े दो हजार श्रद्धालु, जलविहार शोभायात्रा के साथ समापन

पश्चिम बंगाल, झारखंड एवं उड़ीसा के सराक क्षेत्रों में 16 से 25 सितंबर 2025 तक पर्युषण महापर्व मनाया गया। मंदिरों में पूजन, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शिक्षण शिविर हुए। समापन जलविहार एवं शोभायात्रा के साथ हुआ। पढ़िए श्रीफल संवाद की रिपोर्ट।

पुरुलिया (पश्चिम बंगाल • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 09:43 pm

अनंत चतुर्दशी के साथ दशलक्षण महापर्व का श्रद्धापूर्वक समापन : महरौनी के जिनालयों में उमड़े श्रद्धालु, निकली जलविहार शोभायात्रा

महरौनी में दशलक्षण महापर्व के समापन पर विभिन्न जिनालयों में अभिषेक, शांतिधारा और सामूहिक पूजन हुए। मुनि विकौशलसागर महाराज के सान्निध्य में वासुपूज्य भगवान को निर्वाण लाडू अर्पित किया गया तथा क्षमावाणी पर्व मनाया गया। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की रिपोर्ट।

महरौनी • राजीव सिंघई • 25-09-2026, 06:32 pm

जयपुर हाउस जैन मंदिर में वासुपूज्य भगवान को अर्पित किया निर्वाण लाडू : आचार्य सौभाग्यसागर के सान्निध्य में दशलक्षण महापर्व का समापन

आगरा के जयपुर हाउस स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना हुई। आचार्य सौभाग्यसागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में महामस्तकाभिषेक, शांतिधारा, पूजन, निर्वाण लाडू अर्पण एवं 1008 मंगल आरती संपन्न हुई। पढ़िए श्रीफल संवाद की रिपोर्ट।

आगरा • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 06:31 pm

बिजौलियां खुर्द में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की महाराधना : क्षमावाणी पर्व पर श्रद्धालुओं ने मांगी परस्पर क्षमा

बिजौलियां खुर्द के जिनालय में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की महाराधना, शांतिधारा, शोभायात्रा एवं वासुपूज्य भगवान की विशेष पूजा हुई। क्षमावाणी पर्व पर श्रद्धालुओं ने परस्पर क्षमा याचना कर सद्भाव का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल संवाद की रिपोर्ट

बिजौलियां खुर्द • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 06:29 pm

नौगामा में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना के साथ गूंजा वंदे मातरम् : 550 विद्यार्थियों के सामूहिक गान ने जगाया राष्ट्रभक्ति का भाव

नौगामा में दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन अभिषेक, पूजन, निर्वाण लाडू, महाआरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। पंडाल परिसर में लगभग 550 विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गान कर देशभक्ति का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट।

नौगामा • सुरेश चंद्र गांधी • 25-09-2026, 06:28 pm

शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना : 1008 दीपकों से आरती, वासुपूज्य भगवान को अर्पित किए निर्वाण लाडू

आगरा के सेक्टर-7 आवास विकास कॉलोनी स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में अनंत चतुर्दशी पर उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा हुई। इंद्रों द्वारा अभिषेक, संगीतमय पूजन, निर्वाण लाडू अर्पण और 1008 दीपों की आरती ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया। पढ़िए श्रीफल साथी राहुल जैन की रिपोर्ट।

आगरा • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 06:26 pm

भेद-विज्ञान के साथ की गई तपस्या आत्मशुद्धि का मार्ग है : हूमड़ जैन समाज के सामूहिक तपोत्सव में तपस्वियों और बच्चों का सम्मान

इंदौर में हूमड़ जैन समाज ने पर्युषण पर्व पर सामूहिक तपोत्सव चल समारोह निकालकर तपस्वियों का सम्मान किया। आर्यिका सुदृढ़मति माताजी ने तप को संकल्पशक्ति, आत्मशुद्धि और गुरु आज्ञा से जोड़कर समझाया। पढ़िए श्रीफल साथी प्रीतम लखवाल की रिपोर्ट।

इंदौर • Shreephal Jain News • 25-09-2026, 05:03 pm

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श्रीफल ओरिजिनल

समाज

मेरी जीवन गाथा : मोक्ष मार्ग पर आरोहण

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के 9वें दीक्षा दिवस पर श्रीफल जैन न्यूज में उन्हीं की कलम से उनकी जीवनगाथा प्रस्तुत की जा रही है। पाठकों को इस लेखनमाला की एक कड़ी हर रोज पढ़ने को मिलेगी, आज पढ़िए इसकी छठी कड़ी.... 6. ब्रह्मचर्य व्रत का धारण पांच साल, तीन साल यह आंकड़े सामने

इंदौर • अंतर्मुखी • 09-05-2023, 07:05 pm

श्रीफल जैन न्यूज़ की मुहिम "मत-निर्माण" तीर्थ स्थलों की सुरक्षा,जैन धर्म के संरक्षण में निभाएं भागीदारी

सम्मेद शिखर को लेकर पूरे देश में आंदोलन चला । इस समय जो शिखर जी को लेकर मत निर्माण की आवश्कता इसलिए है क्योंकि आज भी शिखर जी आंदोलन को लेकर अलग-अलग मत हैं। ऐसे में श्रीफल जैन न्यूज़ को लगता है कि आज भी हमनें अपना कर्त्तव्य नही निभाया तो शिखर जी को गिरनार बनने में समय नहीं लगेगा। श

इंदौर • Shreephal Jain News • 22-01-2023, 06:30 pm

लाइफ मैनेजमेंट

जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : मस्तिष्क का विज्ञान-भगवान महावीर की दृष्टि में

डॉ. विनोद शर्मा अपनी पुस्तक मस्तिष्क विज्ञान और पढाई आसान में कहते है-‘हमारे दिमाग का सबसे महत्वपूर्ण काम है सूचनाओ को सही तरीके से एकत्रित करना और जरूरत पड़ने पर पुनः प्राप्त करना। जिसे हम री-कलेक्शन कहते है। इन्फॉर्मेशन को प्राप्त करना कहलाता है। याद करना यानी मेमोराइजेशन, दिमाग

इंदौर • Shreephal Jain News • 22-03-2025, 01:30 pm

जीवन का प्रबंधन-यत्न पूर्वक चेष्टा करें : पहले तोलो, फिर बोलो-भगवान महावीर की दृष्टि में

शब्दों का प्रयोग करने से पहले उसे मन के तराजू में तोल लेना चाहिए। यदि वह शब्द आपको अच्छे लगते हैं तभी वह दूसरों को प्रभावित कर पाएंगे, यदि आपको वह शब्द कड़वे लगते हैं तब वह शब्द दूसरों को भी उतने ही बुरे लगेंगे। ‘ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोये। औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए।‘ संत

इंदौर • Shreephal Jain News • 21-03-2025, 01:30 pm

स्वास्थ्य

बदलते मौसम में बढ़ा बीमारियों का खतरा : गला खराब होने पर अपनाएं ये घरेलू उपाय

देशभर में इस समय तेजी से मौसम में बदलाव हो रहा है। कुछ जगहों पर तेज धूप तो कहीं ठंडी हवाएं चल रही हैं। सुबह सुबह ठंडी हवाओं और हल्की धूप के कारण लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास हुआ। मौसम में बदलाव के कारण लोगों में सर्दी-जुकाम बुखार और गले की समस्याओं का जोखिम काफी सामान्य हो

इंदौर • Shreephal Jain News • 28-02-2024, 02:23 pm

बसंत के मौसम में कैसा हो खानपान? : जानें इस मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कैसा हो आपका खानपान

बसंत ऋतु का आगाज हो चुका है। प्रकृति की खूबसूरती के साथ हवा में भी अलग सी चहक हम सब के कानों में मानों एक अलग ही ऊर्जा का संचार कर रही है। पक्षियों की चहचहाहट हमें सर्द भरी धूप से बाहर निकालने की कोशिश में है। यह मौसम बहुत ही सुहावना होता है। इस मौसम में पूरी प्रकृति ही सुन्दर दि

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-02-2024, 05:26 pm

दोहों का रहस्य

हर व्यक्ति में सुधार की संभावना है: ईश्वर और संतों की कृपा से सबसे बड़ा पापी भी भक्त बन सकता है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन पंक्तियों में निहित अर्थ और संदेश अत्यंत गहरे होते हैं। एक दोहा छोटा सा होता है, लेकिन उसमें जीवन की बड़ी-बड़ी बातें समाह

इंदौर • Shreephal Jain News • 10-09-2025, 01:30 pm

केवल योजनाएं बनाने से कुछ नहीं होता: कर्म और सत्य के धागों से ही जीवन का वस्त्र बुना जा सकता है।

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन पंक्तियों में निहित अर्थ और संदेश अत्यंत गहरे होते हैं। एक दोहा छोटा सा होता है, लेकिन उसमें जीवन की बड़ी-बड़ी बातें समाह

इंदौर • Shreephal Jain News • 09-09-2025, 01:30 pm

राजस्थान के संत

ब्रह्म धर्मसागर कवि के साथ संगीतज्ञ भी थे: नेमि और राजुल के गीतों की खूब है ख्याति

राजस्थान के जैन संतों की परंपरा में ब्रह्म धर्मसागर जी का स्थान भी काफी महत्वपूर्ण है। इन्होंने अधिकांश गीत अपने गुरु की प्रशंसा में ही लिखे हैं। इनके गीतों में सौंदर्य का भी पुट है तो विरह की वेदना भी नजर आती है। जैन धर्म के राजस्थान के दिगंबर जैन संतों पर एक विशेष शृंखला में 42

इंदौर • Shreephal Jain News • 12-04-2025, 11:30 am

मुनिश्री राजचंद्र ने पद विहार कर अपनी वाणी से जनजागरण किया: चंपावती सील कल्याणक में नजर आती है इनके कृतित्व की झलक

राजस्थान के जैैन संतों की समृ़द्ध श्रंखला के तहत कई संतों का संक्षिप्त परिचय प्राप्त होता है। इनमें मुनि राजचंद्र जी भी हैं। इन्होंने राजस्थान में पद विहार कर जन-जन तक अपनी वाणी के माध्यम से जनजागरण किया है। इन्होंने भी हिन्दी साहित्य में सृजन कर धर्म प्रभावना के दीप प्रज्वलित कि

इंदौर • Shreephal Jain News • 11-04-2025, 11:30 am

आपका चौका

बहुत आसानी से बन जाती है बाजार में मिलने वाली यह कैंडी : यह खट्टी-मीठी कैंडी सभी को आएगी पसंद

बहुत स्वादिष्ट, खट्टी-मीठी और सेहतमंद आंवला कैंडी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है। इसे घर पर बनाना बहुत आसान है। जानते हैं कैसे बनाते हैं इसे... आंवला कैंडी सामग्री आंवला – 1 किलो चीनी – 700–800 ग्राम (स्वाद अनुसार) काला नमक – ½ चम्मच दालचीनी पाउडर / इलायची – ½ चम्मच (

इंदौर • Shreephal Jain News • 16-01-2026, 10:30 pm

इस फल का मुरब्बा बढ़ाएगा इम्यूनिटी : बाजार से न लाएं, घर पर ही बना लें यह मुरब्बा

आप आंवला से कई तरह के स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन बना सकते हैं। यह विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत है। इम्यूनिटी बढ़ाता है, पेट और त्वचा के लिए फायदेमंद है और बालों के लिए श्रेष्ठ टॉनिक भी है। आंवला मुरब्बा सामग्री: आंवला – 1 किलो चीनी – 1.25 किलो पानी – 4–5 कप इलायची पाउडर

इंदौर • Shreephal Jain News • 09-01-2026, 10:30 pm

कथा सागर

प्रभु का संरक्षण : सुख हो या दुख ईश्वर हर स्थिति में हमारे साथ हैं-प्रियंका संजय सेठी

कथा सागर में पढ़िए कहानी प्रभु का संरक्षण। इस कहानी का नैतिक मूल्य यही है कि सुख हो या दुख, ईश्वर हर स्थिति में हमारे साथ रहते हैं। अगर दुख में भी हम अपनी राह से भटकें नहीं तो वह हमें एक बच्चे की तरह दुलार देते हैं। प्रभु का संरक्षण एक संत रेत पर चले जे रहे थे। जब वह काफी आगे तक च

सागर • Shreephal Jain News • 03-03-2024, 11:30 am

पात्रकेसरी की कथा : सम्‍यग्‍दर्शन का उद्योत करने वाले थे पात्रकेसरी आचार्य

कथा सागर की इस विशेष प्रस्तुति में आराधना कथा कोश में से पात्रकेसरी की कथा आपके समक्ष है । इस कोश में ब्रह्मचारी श्री नेमिदत्त द्वारा रचित जैन धर्म पर आधारित कथाएँ हैं, इन्हीं में से है पात्रकेसरी की कथा की कथा। पढ़िए राखी जैन की प्रस्तुति। कथा भगवान के पंचकल्‍याणों से पवित्र और स

सागर • Shreephal Jain News • 25-02-2024, 09:53 pm

व्यक्तित्व

जो हमेशा करते थे योग्यता का सम्मान : स्वामी जी ने नहीं की कभी किसी की निंदा, समाज को आगे बढ़ाने का था उनका प्रयास

श्री क्षेत्र श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी आज हमारे बीच नहीं हैं। आज उनका 75वां जन्म दिवस है। उनका जन्म 3 मई, 1949 को कर्नाटक के वारंग में हुआ। स्वामी जी श्रवणबेलगोला का पर्याय थे, जिन्होंने वहां की संस्कृति, संस्कार को संवारा

श्रवणबेलगोला • रेखा संजय जैन • 03-05-2024, 10:30 am

त्याग व करुणा की मूर्ति अशोक पाटनी के जन्मदिन पर विशेष : 31 साल पहले माचिस बेचते थे अब चलते हैं पर्सनल हेलिकॉप्टर से

एक असाधारण व्यक्तित्व है लेकिन बहुत साधारण है, हम बात कर रहे हैं एक ऐसे व्यक्ति की जो अपना जीवन एक साधारण परिवेश में जीते हैं लेकिन वह व्यक्तित्व एक असाधारण व्यक्तित्व का धनी है। जी हां हम बात कर रहे हैं इस देश का गौरव ,जैन समाज का गौरव ,व्यवसाय का गौरव ,धर्म का गौरव ,उदार मना व्

इंदौर • Shreephal Jain News • 25-01-2024, 12:00 am

चैतन्य नीति

आज की चैतन्य नीति

सफलता की राह पर चलते हुए अपने मन में घमंड व अहंकार पनपने न दें। अहंकार पतन का रास्ता तैयार करता है।

इंदौर • संपादक • 31-07-2022, 01:04 pm

आज की चैतन्य नीति

मूर्ख लोगों से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। मूर्खों के साथ विवाद करने से अपना ही समय नष्ट होता है।

इंदौर • संपादक • 30-07-2022, 01:07 pm

ज्ञान गागर
बदलाव की बयार

अपनी संस्कृति सुरक्षित रखना हम सभी की साझी जिम्मेदारी : अपने मूल स्वरूप में जन-जन तक पहुंचाना होगा जैन धर्म का इतिहास

समाज के हर वर्ग में चर्चा है कि हम दिगंबर जैन समाज का इतिहास, संस्कार, संस्कृति, तीर्थंकरों के उपदेश जन- जन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। समाज में कोई ऐसा मजबूत साधन भी नहीं है, जिसके माध्यम से हम मुनियों और आचार्यों की वाणी, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचा

इंदौर • रेखा संजय जैन • 29-04-2024, 11:20 am

बदलाव की बयार : साधुओं की तपस्या, विद्वानों का ज्ञान और धनाढ्यों का धन मिलने से ही संभव है धर्म की प्रभावना

वर्तमान में नई पीढ़ी जैन धर्म से विमुख हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि हाल में दो ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं, जिसमें जैनों ने अन्य धर्म धारण कर लिया। ऐसा डर लगने लगा है कि कहीं जैन धर्म का विलोप ही न हो जाए। श्रीफल जैन न्यूज का कॉलम बदलाव की बयार में आज इसी विषय पर चर्चा... जैन धर

इंदौर • Shreephal Jain News • 08-06-2023, 01:29 pm

जिन मंदिर

कहानी चंबल नदी के किनारे केशोरायपाटन अतियश जिन मंदिर की: यहां गौरी ने मूर्ति पर चलाया हथौड़ा,पैर के अंगुठे से निकली दूध की धारा

सारांश बूंदी जिले में एक ऐसा अतिशय मंदिर है जिसमें कहा जाता है कि मोहम्मद गौरी ने भी इस मंदिर पर आक्रामण कर चमत्कारी मूर्ति को तोड़ने का प्रयास किया।जब सैनिकों ने पैर के अंगूठे पर छेनी और हथौड़ी लगाई तो दूध की धारा फूट पड़ी।मूर्ति के शरीर पर चोट के निशान अभी भी दिखाई दे रहे हैं।

बूंदी • Shreephal Jain News • 04-02-2023, 12:30 pm

जहां भगवान आदिनाथ खुद सुनते हैं दुखियारों की पीड़ा : मोजमाबाद में 500 पुराना दिगंबर जैन मंदिर

सारांश अजमेर का मोजमाबाद आदिनाथ मंदिर पांच सौ साल पुराना है। कहते हैं कि इस मंदिर में भगवान आदिनाथ स्वयं विराजमान हैं। वे खुद भक्तों की पीड़ा सुनते हैं और उसे दूर करते हैं। पढ़िए विस्तार से.... अजमेर जिले में मोजमाबाद में स्थित दिगंबर समाज के जैन मंदिर के बारे में जिसको करीब 500

अजमेर • Shreephal Jain News • 31-01-2023, 12:16 pm

क्या आप जानते हैं

क्या आप जानते हैं : मन्दिर जी में घंटा क्यों बजाते हैं ?

मन्दिर जी में घण्टा रहता है, उसे क्यों बजाते हैं? घंटा बजाते समय हमारे क्या भाव होने चाहिये ? ये प्रश्न प्रायः मन में उठते अवश्य हैं किन्तु यथार्थ समाधान नहीं मिलने से मन कुण्ठित हो जाता है। सुनो ! घंटा "मंगल ध्वनि' के प्रतीक रूप में बजाया जाता है। घंटे की ध्वनि सुनकर दूर के लोगो

इंदौर • Shreephal Jain News • 05-03-2024, 09:26 pm

क्या आप जानते हैं : मन्दिर जी जाने से पूर्व क्या करें ?

मंदिर जाने से पहले सबसे पहले शुभ संकल्प करके दैनिक शौचादिक क्रियाओं से निपटकर, छने हुये जल से स्नान करना चाहिए। नहाते समय शैम्पू या चर्बीयुक्त साबुन प्रयोग नहीं करना चाहिए । धुले हुये साधारण वस्त्र पहनकर मन्दिर जी आना चाहिए । क्योंकि यदि हम चमकीले भड़कीले वस्त्र पहनकर मन्दिर जी ज

इंदौर • Shreephal Jain News • 27-02-2024, 10:30 am

जैन संस्कार

जानिए गर्भान्वय की दीक्षाद्य क्रिया से योग निर्वाण साधन क्रिया तक : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान। जैन शास्त्र कहते है कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं के विधिवत पालन से श्रावक, परमत्व को प्राप्त हो सकता है। पहली कड़ियों में हमने गर्भान्वय की 53 क्रियाओं के लक्षण में से 22 लक्

इंदौर • Shreephal Jain News • 27-02-2024, 11:30 am

जानिए गर्भान्वय की व्रतचर्या क्रिया से गृह त्याग क्रिया तक : अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से

श्रीफल जैन न्यूज़ आपके लिए लाया है जैन संस्कार क्रियाओं का अर्थ और उन्हें पूरा करने के विधि-विधान। जैन शास्त्र कहते है कि जैन संस्कृति से जुड़ी 53 क्रियाओं के विधिवत पालन से श्रावक, परमत्व को प्राप्त हो सकता है। पहली कड़ियों में हमने गर्भान्वय की 53 क्रियाओं के लक्षण में से 14 लक्

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-02-2024, 06:33 pm

कविता

कविता: संजय बने सामायिक सागर : 26अप्रैल को नया इतिहास बना वैराग्य का

परतापुर में रविवार को आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान की। यह क्षेत्र के लिए इतिहास रचने जैसा उत्सव रहा। इस पर डडूका के अजीत कोठिया की पढ़िए, यह कविता... बरसो की उसकी चाहत आज हुई पूरी। संजय ने छोड़ा घर, धारा दिगंबर भेष छोड़ी मैना, मुक्ति, नीरा मां पुत्र

इंदौर • Shree Phal News • 27-04-2026, 12:08 am

लव जिहाद और धर्मांतरण पर विशेष कविता : जो बिटिया अपनों को ठुकराती है

कविता कॉलम में आज पढ़िए बेटियों और लव जिहाद पर लिखी एड. अमित कुमार जैन चन्देरी की कविता दुश्मन की बातों में आके, अपनों को ठुकराती है ! छोड़के अपना वंश जो बिटिया, वंश दूसरे जाती है !! अपनी संस्कृति तजके, दुश्मन की संस्कृति अपनाती है! "आफताब" टुकड़े करते हैं, "फ्रिज" में रखी जाती ह

इंदौर • Shreephal Jain News • 11-06-2023, 11:30 am

धर्म

जानना जरूरी : मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं

मुनि महाराज के नाम के आगे 108 क्यों लगाते हैं संकलन - संदीप सेठी,गुवाहाटी इसके तीन कारण हैं... 1. दरअसल मनुष्य 108 प्रकार से पाप करता है। मुनि महाराज उन पापों को रोकने के लिए मुनि बनते हैं, इसलिए उनके नाम के आगे 108 लगाते हैं। 2. मुनि महाराज के 28 मूलगुण, 22 परीषहजयी, 13 प्रकार क

इंदौर • Shreephal Jain News • 03-03-2023, 10:30 pm

तीर्थ यात्रा

तीर्थ यात्रा 58जामनेर का पवन मंदिर उड़कर आईं प्राचीन प्रतिमाओं की मान्यता, गुड़ी पड़वा पर लगता है वार्षिक मेला

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं और ध्यान धरते हैं। भारत के कुछ अतिशय क्षेत्रों की जानकारी दे रही हैं श्रीफल की प्रधान संपादक रेखा संजय जैन। इसकी 58वीं कड़ी में आज पढ़िए शाजापुर जिले में स्थित श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र, सार्वजनिक न्यास, जामनेर, ग्राम- जामनेर, तहसील- शुजालपुर मंडी, मध्यप्रदेश के बारे में

इंदौर • रेखा संजय जैन • 20-09-2026, 11:30 am

तीर्थ यात्रा 57प्रतिमा से निकलीं पसीने की बूंदें, बना अतिशय क्षेत्र: दो पहाड़ियों के बीच 10वीं शताब्दी का चौबीसी मंदिर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं और ध्यान धरते हैं। भारत के कुछ अतिशय क्षेत्रों की जानकारी दे रही हैं श्रीफल की प्रधान संपादक रेखा संजय जैन। इसकी 57वीं कड़ी में आज पढ़िए विदिशा जिले में स्थित श्री 1008 दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र चौबीसी मंदिर, ग्यारसपुर, ग्राम/तहसील - ग्यारसपुर (मध्य प्रदेश) के बारे में...

ग्यारसपुर(विदिशा) • रेखा संजय जैन • 13-09-2026, 08:21 am

तीर्थ यात्रा 5621 फीट भगवान बाहुबली की भव्य प्रतिमा : 32 जिनालयों का दिव्य धाम गोमटगिरी तीर्थ क्षेत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं और ध्यान धरते हैं। भारत के कुछ अतिशय क्षेत्रों की जानकारी दे रही हैं श्रीफल की प्रधान संपादक रेखा जैन। इसकी 56वीं कड़ी में आज पढ़िए इंदौर जिले में स्थित भगवान बाहुबली दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र, गोमटगिरि - हातोद रोड़, तहसील - हातोद, जिला - इंदौर (मध्य प्रदेश) के बारे में...

इंदौर • रेखा संजय जैन • 06-09-2026, 06:00 am

वास्तु-ज्योतिष

किसी को मिलेगी सफलता, कोई होगा परेशान : बुध का धनु राशि में गोचर, लोगों पर पड़ेगा असर

बुध ग्रह वृश्चिक की यात्रा पूरी कर धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। ऐसे में इस राशि पर गोचर करते हुए यह आगामी 13 दिसंबर को वक्री होंगे और 28 दिसंबर को फिर से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। वृश्चिक में गोचर करते हुए बुध नए साल में 2 जनवरी को मार्गी होंगे। इसका असर अलग-अलग जातकों पर

इंदौर • संपादक • 29-11-2023, 09:19 pm

देश दुनियां में आतंकवाद पर लगेगी लगाम और होगी अमन शांति : एक महीने में सभी नौ ग्रह बदल रहे हैं राशि और नक्षत्र

वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि एक माह के भीतर सभी नौ ग्रह राशि और नक्षत्र बदल रहे हैं। इससे देश दुनियां में अमन- चैन बढ़ेगा । भारत में धर्म का परचम के साथ विश्व में सम्मान बढ़ेगा। वहीं ये ग्रह व्यक्ति की राशियों पर भी असर करेंगे। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट... म

इंदौर • Shreephal Jain News • 02-11-2023, 09:53 pm

बुध के गोचर से तीन राशियों की खुलेगी किस्मत: भद्र महापुरुष राजयोग बनने से बढ़ेगा मान-सम्मान

वैदिक ज्योतिष में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा गया है। बुध गणित ज्योतिष और लेखन के कारक माने गए हैं। बुध 24 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। इस परिवर्तन से भद्र महापुरुष राजयोग का निर्माण होगा। बुध के इस गोचर से तीन राशियों को उनकी किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। जानिए इस बारे मे

इंदौर • Shreephal Jain News • 10-06-2023, 11:30 am

संत परिचय

संत परिचय-6 : आज पढ़िए आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर • Shreephal Jain News • 21-06-2023, 05:30 pm

संत परिचय-1 : आज पढ़िए आचार्य श्री शान्तिसागर जी महामुनि का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर • Shreephal Jain News • 18-06-2023, 06:40 pm

संत परिचय-2 : आज पढ़िए आचार्य श्री वीर सागरजी महाराज का परिचय

श्रीफल जैन न्यूज की ओर से जैन संतों और साध्वियों की परिचय की श्रृंखला शुरू की जा रही है। जैन धर्म में मुनि बनना एक बहुत साहसिक और वैराग्य पूर्ण कार्य है। हर कोई व्यक्ति मुनि नहीं बन सकता। जैन दर्शन में मुनियों के आचार- विचार और दिनचर्या पर बहुत ही स्पष्ट और सख्त नियम बनाए हैं। श्

इंदौर • Shreephal Jain News • 16-06-2023, 05:20 pm

रेखा के साथ वार्ता

दस दिन दस परिवार सीरीज 10बिजनेस की व्यस्तता के बीच दशलक्षण में बदल जाते हैं नियम : भरत जैन परिवार में एक समय भोजन, बाहर के खाने का त्याग

दशलक्षण में भरत जैन परिवार बाहर के भोजन का त्याग कर मंदिर और धर्म-साधना के लिए समय निकालता है। सिंगापुर में रह रहा बेटा भी जैन भोजन की व्यवस्था कर पर्व की मर्यादा निभा रहा है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 25-09-2026, 01:53 pm

दस दिन दस परिवार सीरीज 9दस दिन व्यापार और दूसरी गतिविधियों से दूरी, सिर्फ धर्म-साधना : टी.के. वेद परिवार की तीन पीढ़ियां निभा रहीं दशलक्षण के नियम

दशलक्षण में टी.के. वेद दस दिन व्यापार से दूर रहकर एकासन, पूजन, स्वाध्याय और सामायिक में समय देते हैं। अमेरिका में रह रहे बच्चे और पांच साल की बच्ची भी अपनी क्षमता अनुसार नियम व त्याग निभा रहे हैं।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 24-09-2026, 05:22 pm

दशलक्षण और निमाड़ के परिवार सीरीज 7अभिषेक-पूजन और विधान के बाद ही भोजन : घर से मिले संस्कारों के बीच सोहिल ने किए दस उपवास

खरगोन के अजीत जैन परिवार में दशलक्षण के दौरान अभिषेक-पूजन, विधान, एकासन और उपवास दिनचर्या का हिस्सा हैं। पुत्र सोहिल ने वर्ष 2024 में दस उपवास किए।

खरगोन • रेखा संजय जैन • 23-09-2026, 01:01 pm

आलेख

बोल अनमोलरक्षाबंधन : धर्मरक्षा का अमर संकल्प

रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि जैन परंपरा में धर्म, देव, शास्त्र और गुरु की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। विष्णुकुमार मुनिराज और सात सौ मुनियों की ऐतिहासिक कथा बताती है कि धर्म की सच्ची रक्षा अहिंसा, करुणा और क्षमा से होती है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 28-08-2026, 07:47 am

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धर्म भय नहीं, विवेक और आत्मनिर्भयता का मार्ग : अंशुल शास्त्री ने कहा-धर्म मनुष्य को भयभीत नहीं करता

जब भी धर्म की बात आती है, व्यक्ति के मन में अनेक प्रश्न उठने लगते हैं—यह कैसे होगा? मुझसे कोई गलती हो गई तो क्या होगा? कहीं जीवन में कोई अनिष्ट तो नहीं हो जाएगा? कहीं कोई दुख न आ जाए? यहीं से धीरे-धीरे धर्म के स्थान पर धर्म का भय जन्म लेने लगता है। मुरैना/द्रोणगिरी से पढ़िए, अंशुल जैन के मनोज जैन नायक द्वारा प्रस्तुत आलेख...

मुरैना/द्रोणगिरी • मनोज जैन नायक • 21-08-2026, 09:08 pm

स्वाधीनता संग्राम में जैन पत्रकारिता : राष्ट्रचेतना की निर्भीक आवाज़

जय हिंद! जय भारत! जय जिनेंद्र! भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का यह गौरवशाली अवसर केवल राष्ट्रीय उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात विभूतियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-08-2026, 04:28 pm

श्रीफल पाठशाला

पहली कड़ीश्रीफल जिन पाठशाला : जानिए णमोकार मंत्र

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से श्रीफल जिन पाठशाला अलग-अलग विषयों पर पढ़ें प्रत्येक शनिवार को सिर्फ http://www.shreephaljainnews.com पर। श्रीफल जिन पाठशाला के अन्य वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करे अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज द्वारा णमोकार महामंत्र

इंदौर • अंतर्मुखी • 17-08-2026, 11:42 am

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पहली कड़ीश्रीफल जिन पाठशाला : जानिए णमोकार मंत्र

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज की कलम से श्रीफल जिन पाठशाला अलग-अलग विषयों पर पढ़ें प्रत्येक शनिवार को सिर्फ http://www.shreephaljainnews.com पर। श्रीफल जिन पाठशाला के अन्य वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करे अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज द्वारा णमोकार महामंत्र क

इंदौर • Shreephal Jain News • 17-08-2026, 11:04 am

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ग्रन्थमाला

ग्रंथ माला 7 जीवन की आवश्यकताएं बनती हैं दुःखों का कारण

जीवन की आवश्यकताएं कर्म का कारण हैं। इन आवश्यकताओं के कारण ही अच्छे और बुरे कर्मों का बंधन होता है। रोटी, कपड़ा और मकान की चिंता ही हमें अच्छे और बुरे कर्मों की ओर प्रवृत करती हैं। इन्हीं के कारण राग-द्वेष, क्रोध, लालच आदि अवगुणों का जन्म होता है। इन आवश्यकताओं की पूर्ति में ही को

इंदौर • Shreephal Jain News • 23-02-2023, 11:30 am

ग्रंथमाला 6 : जो प्रशंसा के साथ गलतियां भी बताए, वही सच्चा

यह तुमने अच्छा किया। यह तुमने गलत किया। तुम्हें अपनी गलती को स्वीकार करना चाहिए। यह बात बताने वाला ही सच्चा मित्र होता है, क्योंकि वह तुम्हें जीवन की सच्चाई से अवगत करा रहा है। अच्छे कार्यों के लिए उत्साहवर्द्धन के साथ-साथ जो आपकी कमियों और अवगुणों की ओर भी आपका ध्यान आकर्षित करे

इंदौर • Shreephal Jain News • 16-02-2023, 11:28 am

ग्रंथ माला -5: सम्यक दर्शन के लिए धर्म के मूल रूप को पहचानना जरूरी

काल का प्रभाव कहें या सृष्टि में पाप कर्मों की बढ़ती मात्रा। संसार में चारों ओर अधर्म एवं अनुशासनहीनता बढ़ रही है। धर्म के मूल रूप त्याग, साधना, तप के स्थान पर पाखण्ड और बनावटी धार्मिक क्रियाओं को महत्व मिल रहा है। संसार की चकाचौंध में फंसे हुए तत्व धर्म के वास्तिक स्वरूप से परिचित

इंदौर • Shreephal Jain News • 09-02-2023, 11:30 am

ज्ञान की बात

धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ तालमेल बैठाना भी सीखें: लौकिक शिक्षा के साथ धर्म की शिक्षा ऐसी हो, जो सही निर्णय लेने में मदद कर सके

हमारे गुरुजनों से यही विनती है कि हमारी आने वाली पीढ़ी को धर्म और कर्म की शिक्षा के साथ उनमें तालमेल कैसे बैठे यह शिक्षा जरूर दें। बच्चों का आत्मविश्वास इतनी ऊंचाई तक पहुंचे की वह किसी भी मुश्किल घड़ी में घबराए नहीं, बल्कि उसका समाधान निकालें। ज्ञान की बात, आपके साथ में आज हिमानी

इंदौर • Shreephal Jain News • 18-02-2023, 01:30 pm

ज्ञान की बता,आपके साथ: भगवान आदिनाथ का परिचय

gyaan kee bata,aapake saath: bhagavaan aadinaath ka parichay जैन धर्म इस काल के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ हुए है । इन्हें आदिब्रह्मा,ऋषभदेव नाम से भी जाना जाता है । जन्म अयोध्या में पिता का नाम नाभिराय और माता मरूदेवी था के यहां हुआ था । भगवान आदिनानाथ का जन्म इक्ष्वाकु वंशकुल

इंदौर • Shreephal Jain News • 30-12-2022, 11:44 pm

ज्ञान की बात, आपके साथ: भक्तामर स्त्रोत रचयिता श्री मानतुंगाचार्य का जीवन चरित

आज पढ़िए, धरियावद के नवीन के विचार जैन परम्परा में अति विश्रुत भक्तामर स्तोत्र के रचयिता हैं श्री मानतुंगाचार्य .. इनका जन्म वाराणसी में 'धनदेव' श्रेष्ठि के यहाँ हुआ था। इन्होंने अजितसूरी से दीक्षा ली। गुरु के पास से उन्हें अनेक चमत्कारिक विद्याएं प्राप्त हुईं और वे अपने समय के प

धरियावद • Shreephal Jain News • 24-12-2022, 12:13 am

संतवाणी

संतवाणी : समाज में समरसता आवश्यक है - मुनि श्री प्रमाण सागर जी

समाज में एकता आवश्यक है, अगर हाथ की पांचों उंगलियों में स्वयं को एक- दूसरे से सर्वश्रेष्ठ मानने की होड़ शुरू हो जाये, तो सोचिये क्या होगा। अंगूठा अहंकार से बोलेगा मैं तर्जनी से श्रेष्ठ हूं, तर्जनी बोलेगी मैं अनामिका से श्रेष्ठ हूं, मध्यमा बोलेगी मैं कनिष्ठा से श्रेष्ठ हूं और ऐसे य

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-05-2023, 11:58 pm

राहुल विहार पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका हुआ विमोचन

आगरा . शुभम जैन \ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, राहुल विहार में आगामी 10 से 15 दिसंबर के मध्य पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होने जा रहा है, जिसके लिए श्री पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की पत्रिका का विमोचन किया। मुनि श्री अजित सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में बीते गुरुवार क

आगरा • Shreephal Jain News • 09-12-2022, 07:27 pm

इच्छाओं पर विराम ही जीवन में आत्मशान्ति का माध्यम - मुनि सुधासागर

ललितपुर \ कस्बा बांसी में जैन मंदिर प्रांगण में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को सब कुछ होने के वाद भी आत्मसंतुष्टि नहीं, अधूरा-अधूरा सा लगता है। समस्या का समाधान कैसे हो, इसके लिए इच्छाओं पर विराम लगाना होगा अन्यथा अधूरेप

ललितपुर • Shreephal Jain News • 09-12-2022, 12:53 am

संस्कृति और पर्व

दशलक्षण पर्व सीरीज 2क्षमा से ब्रह्मचर्य तक: जानिए दशलक्षण का अर्थ, शाश्वत परंपरा, जीवन में दस धर्मों का महत्व और उनके दस जाप

दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि की साधना है, जिसमें दस धर्म क्रोध, अहंकार, कपट, लोभ और ममत्व से ऊपर उठाकर आत्मकल्याण तथा मोक्षमार्ग की दिशा दिखाते हैं।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 16-09-2026, 06:20 pm

दस दिन–दस परिवार सीरीज -1 :दशलक्षण पर्व में बदल जाती है वेद परिवार की दिनचर्या: पूजा, जाप और संयम से घर बनता है तीर्थ जैसा

दशलक्षण पर्व में वेद परिवार की दिनचर्या पूजा, जाप, संयम और समयबद्धता से बदल जाती है। घर का वातावरण तीर्थ जैसा धर्ममय बनता है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 16-09-2026, 03:51 pm

दशलक्षण पर्व सीरीज 1 :98 दिनों के बाद आता है दशलक्षण का उत्सव : प्रकृति के पुनर्विकास से आत्मशुद्धि तक—49 दिन कुवृष्टि और 49 दिन सुवृष्टि का धार्मिक संदेश

49 दिन कुवृष्टि और 49 दिन सुवृष्टि की धार्मिक मान्यता के बाद दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और दस धर्मों की साधना का संदेश देता है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 15-09-2026, 10:00 pm

श्रवणबेलगोला

श्रवणबेलगोलाआधुनिक स्क्रीन की लत से मुक्ति का जैन मार्ग: श्रवणबेलगोला के भट्टारक स्वामी से विशेष बातचीत

जैन धर्म की प्राचीन साधनाएं आधुनिक स्क्रीन की लत से मुक्ति में कैसे मदद कर सकती हैं? श्रवणबेलगोला के भट्टारक स्वामी से विशेष बातचीत...

श्रवणबेलगोला • रेखा संजय जैन • 22-08-2026, 07:58 am

परिचय

सराकोद्धारक श्री 108 ज्ञान सागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर विशेष

’प्रस्तुति-’ व्रह्मचारिणी बहिन अनिता दीदी इनमें दिखता है भगवान महावीर का प्रतिबिम्ब ये संत कोई और नहीं इस युग के श्रेष्ठ आचार्याे में से एक है। इनमें भगवान महावीर का प्रतिबिम्ब झलकता है। इनका वर्णन शब्दों में कर पाना बेहद कठिन ही नही, नामुमकिन है। इनके व्यक्तित्व को कवि की कविता,

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-11-2022, 09:01 pm

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के आचार्य पद पर 50 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख

संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के आचार्य पद पर 50 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लेख आचार्यश्री शब्द का पर्यायवाची बन गए आचार्य विद्यासागरजी महाराज लेखक - राजेन्द्र जैन ‘महावीर’, सनावद जैन समाज हो या जैनेत्तर समाज, सभी के बीच यदि ‘आचार्यश्री’ शब्द निकल जाए तो आम जनमानस के म

इंदौर • Shreephal Jain News • 11-11-2022, 05:00 pm

23 सितम्बर - जन्म दिवस पर विशेष - आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज

जैन धर्म के प्रखर प्रकाश पुंज -आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज राजधानी दिल्ली के दिल चांदनी चौक के धर्मपुरा में सुप्रतिष्ठित परिवार के आंगन में एक तेजस्वी बालक ने दिनांक 23 सितम्बर 1965 को जन्म लिया जिसका नाम नीरज जैन रखा गया| कहते हैं कि किसी महापुरुष के जन्म लेने से पहले ही स

इंदौर • Shreephal Jain News • 23-09-2022, 10:53 pm

अभिषेक पूजन

इच्छाओं पर विराम ही जीवन में आत्मशान्ति का माध्यम - मुनि सुधासागर

ललितपुर \ कस्बा बांसी में जैन मंदिर प्रांगण में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति को सब कुछ होने के वाद भी आत्मसंतुष्टि नहीं, अधूरा-अधूरा सा लगता है। समस्या का समाधान कैसे हो, इसके लिए इच्छाओं पर विराम लगाना होगा अन्यथा अधूरेप

ललितपुर • Shreephal Jain News • 09-12-2022, 12:53 am

पूजन का समय

पूजन का समय 25 अक्टूबर 2022 सुबह 9:25से 10:35 वृश्चिक का लग्न और चल चौघड़िया दोपहर 2:27 से 4बजे तक कुम्भ का लग्न और शुभ का चौघड़िया शाम 7:33 से 9 बजे तक वृषभ का लग्न और लाभ का चौघड़िया शाम वाले समय अधिक ठीक है

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2022, 09:03 pm

श्रीफल प्रोत्साहन

श्रीफल प्रोत्साहन- 3: आज के प्रश्न कुलकर से संबधित है

Loading… श्रीफल प्रोत्साहन 2 के सही उत्तर प्रश्न 1. कल्पवृक्ष कहा होते हैं ? उत्तर - भोग भूमि प्रश्न 2. उत्तमोत्तम वस्त्र प्रदान करने वाले कल्पवृक्ष का नाम बताओं? उत्तर - इनमें से कोई नही प्रश्न 3. चंद्रमा के समान शीतल प्रकाश देने वाले कल्पवृक्ष का नाम बताओं ? उत्तर - दीपांग प्रश

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-02-2023, 11:56 pm