🎉 संस्कृति और पर्व

संस्कृति और पर्व

जैन पर्व, त्योहार एवं सांस्कृतिक उत्सव

दशलक्षण पर्व सीरीज 2क्षमा से ब्रह्मचर्य तक: जानिए दशलक्षण का अर्थ, शाश्वत परंपरा, जीवन में दस धर्मों का महत्व और उनके दस जाप

दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि की साधना है, जिसमें दस धर्म क्रोध, अहंकार, कपट, लोभ और ममत्व से ऊपर उठाकर आत्मकल्याण तथा मोक्षमार्ग की दिशा दिखाते हैं।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 16-09-2026, 06:20 pm

दस दिन–दस परिवार सीरीज -1 :दशलक्षण पर्व में बदल जाती है वेद परिवार की दिनचर्या: पूजा, जाप और संयम से घर बनता है तीर्थ जैसा

दशलक्षण पर्व में वेद परिवार की दिनचर्या पूजा, जाप, संयम और समयबद्धता से बदल जाती है। घर का वातावरण तीर्थ जैसा धर्ममय बनता है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 16-09-2026, 03:51 pm

दशलक्षण पर्व सीरीज 1 :98 दिनों के बाद आता है दशलक्षण का उत्सव : प्रकृति के पुनर्विकास से आत्मशुद्धि तक—49 दिन कुवृष्टि और 49 दिन सुवृष्टि का धार्मिक संदेश

49 दिन कुवृष्टि और 49 दिन सुवृष्टि की धार्मिक मान्यता के बाद दशलक्षण पर्व आत्मशुद्धि, संयम और दस धर्मों की साधना का संदेश देता है।

इंदौर • रेखा संजय जैन • 15-09-2026, 10:00 pm

इथोपिया और दक्षिणी अमेरिका तक फैला था जैन धर्म

डॉ. राजमल कोठारी ने जैन प्रतीक चिह्नों व मंदिरों का किया खुलासा श्रीफल न्यूज के लिए प्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट जयपुर । अतीत में विश्व के हर देश में जैन धर्म का प्रभाव रहा है। कतिपय हस्तलिखित ग्रंथों में इस बात के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। ईसा से पूर्व ईराक, ईरान और फिलिस्तीन

इंदौर • Shreephal Jain News • 26-01-2023, 12:30 pm

छह दिवसीय पंचकल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ : राहुल विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से निकाली गई घटयात्रा एवं रथयात्रा

आगरा@, शुभम जैन \ श्री मज्जिनेन्द्र श्री जिनंबिब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का का शुभारंभ शनिवार को घटयात्रा एवं रथयात्रा के साथ हुआ। गर्भकल्याणक पूर्वारूप के पहले दिन शनिवार को राहुल विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा मह

आगरा • Shreephal Jain News • 10-12-2022, 10:47 pm

सिद्धचक्र महामण्डल विधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मच रही धूम

सिद्धचक्र महामण्डल विधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मच रही धूम -छठे दिन विधान में किये गए 256 अर्घ्य समर्पित मड़ावरा(ललितपुर)। धर्मनगरी मड़ावरा में अष्टानिका महापर्व के पावन दिनों में आचार्य भगवन विद्यासागर जी महा मुनिराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण श्री अभय सागर महाराज, श्र

इंदौर • Shreephal Jain News • 07-11-2022, 03:35 am

आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला का वार्षिकोत्सव हुआ संपन्न

आचार्य विद्यासागर संस्कार वर्णी पाठशाला का वार्षिकोत्सव हुआ संपन्न ललितपुर.राजीव सिंघई । आचार्य श्रेष्ठ 108 विद्यासागर महाराज के मंगल आशीर्वाद से मडावरा नगर में विराजित अष्टम निर्यापक श्रमण मुनि श्री अभय सागर, मुनिश्री प्रभात सागर, मुनिश्री निरीह सागर महाराज के आशीर्वाद से पाठशाल

इंदौर • Shreephal Jain News • 29-10-2022, 04:05 am

जैन धर्म में साधु की सबसे कठिन तपस्या होती है केशलोच।

जैन धर्म में साधु की सबसे कठिन तपस्या होती है जैन धर्म की कठिन तपस्या का एक अनिवार्य हिस्सा और मूलगुण है केशलोंच। जैन साधु अपने आत्मसौंदर्य को बढ़ाने के लिए कठिन साधना करते हैं। जैन संत जब अपने हाथों से घास- फूस की तरह सिर, दाढ़ी व मूंछ के बाल को आसानी से उखाड़ देते हैं तो यह पल

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2022, 10:37 pm

पूजन का समय

पूजन का समय 25 अक्टूबर 2022 सुबह 9:25से 10:35 वृश्चिक का लग्न और चल चौघड़िया दोपहर 2:27 से 4बजे तक कुम्भ का लग्न और शुभ का चौघड़िया शाम 7:33 से 9 बजे तक वृषभ का लग्न और लाभ का चौघड़िया शाम वाले समय अधिक ठीक है

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2022, 09:03 pm

निर्वाण दिवस पर जानें महावीर स्वामी को

जैन धर्म के 24वें तीर्थकर महावीर स्वामी 599 ईसा पूर्व में वैशाली गणतंत्र के क्षत्रियकुंड नगर में इक्ष्वाकु वंश के राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के यहां चैत्र महीने की त्रयोदशी के दिन एक साधारण बालक के रुप में जन्मे थे। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के बालक वर्धमान ने कठिन तप और संयम

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2022, 12:09 am

आओ रंगोली सजाओ प्रतियोगिता का होगा आयोजन

इंदौर. राजेश जैन दद्दू । केशरिया जैन ग्रुप, इंदौर की ओर से भगवान महावीर के निर्वाण उत्सव और दीपावली के उपलक्ष्य में दिगंबर-श्वेतांबर जैन परिवारों के लिए रंगोली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता आगामी 24 और 25 अक्टूबर को होगी। इस कार्यक्रम में श्री भारतवर्षी

इंदौर • Shreephal Jain News • 21-10-2022, 02:57 am

जैन शासन के देवी देवताओं का सम्मान पर्व नवरात्रि

जैन धर्म में नवरात्रि नवरात्रि….नौ दिन तक मनाया जाने वाला दैविय अनुष्ठानों का पर्व। यह पर्व जैन दर्शन में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है और देवी देवताओं के सम्मान स्वरूप उनकी आराधना कर मनाया जाता है। जहां पर्यूषण पर्व आध्यात्मिक उर्जा वाला पर्व है, वहीं नवरात्रि दैवीय उर्जा वाला पर्व है

इंदौर • संपादक • 06-10-2021, 08:39 pm