आज की चैतन्य नीति
सफलता की राह पर चलते हुए अपने मन में घमंड व अहंकार पनपने न दें। अहंकार पतन का रास्ता तैयार करता है।
इंदौर • संपादक • 31/7/2022, 7:34:32 am
जीवन प्रबंधन एवं नैतिक मार्गदर्शन
सफलता की राह पर चलते हुए अपने मन में घमंड व अहंकार पनपने न दें। अहंकार पतन का रास्ता तैयार करता है।
इंदौर • संपादक • 31/7/2022, 7:34:32 am
मूर्ख लोगों से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए। मूर्खों के साथ विवाद करने से अपना ही समय नष्ट होता है।
इंदौर • संपादक • 30/7/2022, 7:37:41 am
जो बहुत धन, विद्या तथा ऐश्वर्य को पाकर भी इठलाता नहीं है, वही सच्चा पंडित कहा जाता है।
इंदौर • संपादक • 29/7/2022, 6:18:31 am
जिस प्रकार समुद्र को पार करने में नाव की जरूरत होती है, उसी प्रकार स्वर्ग के लिए सत्य ही एकमात्र सीढ़ी है।
इंदौर • संपादक • 28/7/2022, 7:33:21 am
जो व्यक्ति अपने मन को काबू में नहीं रख पाता, वह कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाता। प्रतिदिन चैतन्य नीति वाक्य पाने के लिए क्लिक करें
इंदौर • संपादक • 27/7/2022, 5:44:54 am
जिस धन को कमाने में मन तथा शरीर का क्लेश हो, धर्म का उलंघन करना पड़े, सिर शत्रु के सामने झुकाना पड़ जाए, ऐसे धन का विचार त्यागना ही बेहतर है।
इंदौर • संपादक • 26/7/2022, 5:41:58 am
घर, गाड़ी, संतान, धन, संतान और आय आदि के मामले में हमेशा खुश रहना चाहिए लेकिन ज्ञान के मामले में कभी भी संतुष्ट नहीं होना चाहिए।
इंदौर • संपादक • 24/7/2022, 5:49:58 am
अच्छे आचरण से दुखों से मुक्ति मिलती है, विवेक से अज्ञानता खत्म की जा सकती है और जानकारी से भय को दूर किया जा सकता है।
इंदौर • संपादक • 23/7/2022, 5:50:15 am
बुरे समय में भी धैर्य और आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए। दोनों गुण होने से मनुष्य विषम परिस्थितियों से निकलने में भी सक्षम रहता है।
इंदौर • संपादक • 22/7/2022, 7:02:38 am
फूलों की सुगंध केवल उसी दिशा में महकती है, जिस दिशा में हवा चल रही होती है। जबकि इंसान के अच्छे गुणों की महक चारों दिशाओं में स्वतः ही फैल जाती है।
इंदौर • संपादक • 21/7/2022, 5:27:01 am
ज्ञानी पुरुष आर्थिक संपत्ति के बगैर भी अत्यंत धनी होते हैं क्योंकि ज्ञान और संतत्व रूपी रत्नों की कीमत कभी कम नहीं होती।
इंदौर • संपादक • 20/7/2022, 5:21:19 am
किसी भी कार्य को करने के पहले शुभ लग्न और मुहूर्त को देखा जाता है। इसके अंतर्गत वार, तिथि, माह, वर्ष लग्न, योग, नक्षत्र को देखा जाता है। इस क्रम में किसी भी वार को कौन सा समय शुभ है यह देखा जाता है। चौघड़िया समय का वह हिस्सा है जो शुक्ष या अशुभ हो सकता है। पंचांग के माध्यम से समय
इंदौर • संपादक • 10/3/2019, 5:56:13 pm
प्रत्येक मनुष्य को माता, पिता, अग्नि, आत्मा और गुरु इन पांचों की बड़े यत्न से सेवा करनी चाहिए।
इंदौर • Shreephal Jain News • 8/3/2019, 5:08:08 am