❓ क्या आप जानते हैं

क्या आप जानते हैं

जैन धर्म, इतिहास एवं संस्कृति से जुड़े रोचक तथ्य

क्या आप जानते हैं : मन्दिर जी में घंटा क्यों बजाते हैं ?

मन्दिर जी में घण्टा रहता है, उसे क्यों बजाते हैं? घंटा बजाते समय हमारे क्या भाव होने चाहिये ? ये प्रश्न प्रायः मन में उठते अवश्य हैं किन्तु यथार्थ समाधान नहीं मिलने से मन कुण्ठित हो जाता है। सुनो ! घंटा "मंगल ध्वनि' के प्रतीक रूप में बजाया जाता है। घंटे की ध्वनि सुनकर दूर के लोगो

इंदौर • Shreephal Jain News • 05-03-2024, 09:26 pm

क्या आप जानते हैं : मन्दिर जी जाने से पूर्व क्या करें ?

मंदिर जाने से पहले सबसे पहले शुभ संकल्प करके दैनिक शौचादिक क्रियाओं से निपटकर, छने हुये जल से स्नान करना चाहिए। नहाते समय शैम्पू या चर्बीयुक्त साबुन प्रयोग नहीं करना चाहिए । धुले हुये साधारण वस्त्र पहनकर मन्दिर जी आना चाहिए । क्योंकि यदि हम चमकीले भड़कीले वस्त्र पहनकर मन्दिर जी ज

इंदौर • Shreephal Jain News • 27-02-2024, 10:30 am

क्या आप जानते हैं : ब्रह्म बेला का महत्त्व और क्या करना चाहिए इस अमृत बेला में

विश्व की प्रायः सभी धर्म संस्कृतियाँ प्रातः काल की ब्रह्मबेला को महत्त्व देती हैं। पर हमें यह नहीं मालूम कि ब्रह्मबेला कहते किसे हैं, इसका क्या महत्त्व है ? सूर्योदय के चौबीस मिनिट पहले से सूर्योदय के चौबीस मिनिट बाद तक का समय ब्रह्मबेला या ब्रह्ममुहूर्त कहलाती है इसे ही आत्म जाग

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-02-2024, 02:05 am

क्या आप जानते हैं 7 : अभिषेक के बिना पूजा है अधूरी

भगवान तीर्थंकर का पूजन अभिषेक पूर्वक ही मान्य है और सम्पूर्ण फल की प्राप्ति कराने वाला है। अभिषेक से संसार और मोक्ष सुख, दोनों मिलते हैं। जिन प्रतिमाओं की मंत्रों के माध्यम से प्रतिष्ठा हो गई है, उन तीर्थंकरों-अरिहंत भगवान का अभिषेक होता है। प्रतिष्ठित प्रतिमा पर प्रासुक, सुगंधित

इंदौर • Shreephal Jain News • 21-02-2023, 11:30 am

क्या आप जानते हैं 6 : भगवान का पूजन करने से होती है सौभाग्य की प्राप्ति

पूजन,अर्चन,भक्ति इन सबके माध्यम से श्रावक पंचपरमेष्ठी भगवान के गुणों का गान करते हैं, उनका चिंतन करते हैं। इन सबके साथ भाव का होना अत्यंत आवश्यक है। पूजा हो या पूजन, दोनों एक ही हैं। जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप, फल इन द्रव्यों के साथ पूजा की जाती है तथा जो द्रव्य चढ

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-02-2023, 11:30 am

क्या आप जानते हैं - 5: देव-दर्शन से दूर हो जाते हैं जीवन के सारे संकट

जिनेन्द्र भगवान का दर्शन जन्म-जन्म के पाप का नाश करता है। उनके दर्शनमात्र से संसार के सुख से लेकर मोक्ष तक मिलता है। जन्म-जन्म के पाप क्षण भर में नष्ट हो जाते हैं। उनके दर्शन से कषाय मंद और नाश हो जाता है, मन पवित्र और निर्मल हो जाता है। जिनको देखने से मन पवित्र हो, बुराई निकल जा

इंदौर • Shreephal Jain News • 07-02-2023, 11:30 am

क्या आप जानते हैं- 4 : जानिए कितना महिमावान है गंधोदक?

-मनुष्य के समस्त पापों का नाश करने वाला होता है गंधोदक -शरीर के किसी भी भाग की पीड़ा हर लेता है यह पवित्र जल संसार में एक द्रव्य ऐसा भी है, जिसे लगाने से रोग, शोक, दुःख आदि दूर हो जाते हैं और वह है गंधोदक। सुगंधित जल को ही गंधोदक कहा जाता है। जब यह गंधोदक मंत्रों के उच्चारण के साथ

इंदौर • Shreephal Jain News • 17-01-2023, 07:54 pm

क्या आप जानते हैं- 3 : क्या होती है अन्यायपूर्वक कमाए हुए धन की गति?

प्रत्येक मंगलवार को http://www.shreephaljainnews.com पर पढ़िए इससे पहले हम चर्चा कर चुके हैं कि श्रावक को धन न्यायपूर्वक ही कमाना चाहिए। आज हम जानेंगे कि अगर धन अन्याय पूर्वक कमा लिया जाए तो उस धन की गति क्या होती है? इसकी जानकारी हमें सागर धर्मामृत ग्रंथ से मिलती है, जिसका हिन्द

इंदौर • Shreephal Jain News • 10-01-2023, 10:30 am

क्या आप जानते हैं- 2 : जानिए कैसा होना चाहिए श्रावक का आचार-विचार और व्यवहार?

क्या आप जानते हैं ? प्रत्येक मंगलवार shreephaljainnews पर आप पढ़िए - श्रावक के छह कर्मों के साथ छह कर्तव्य भी हैं । - दूसरों के दुख को अपना समझने वाला और दान करने वाला होता है श्रावक । - श्रावक धर्म के पालन से ही संभव है विश्व शांति । श्रावक वह होता है, जो गृहस्थ धर्म को धारण करत

इंदौर • Shreephal Jain News • 03-01-2023, 10:30 am

क्या आप जानते हैं ? - 1 : जैन शब्द का क्या है अर्थ ?

प्रत्येक मंगलवार shreephaljainnews पर आप पढ़िए " कर्म रूपी शत्रुओं को जो जीत जाए, उसे जिन कहा जाता है। जिनका देवता यही जिनदेव हो, उन्हें कहते हैं जैन । जिन कुल में गर्भावस्था से निर्वाण पर्यन्त 53 क्रिया संस्कार होते हैं, जो इन सभी क्रिया संस्कारों को पूरा करे उसे जैन कुल का समझन

इंदौर • Shreephal Jain News • 27-12-2022, 10:30 am