जो हमेशा करते थे योग्यता का सम्मान : स्वामी जी ने नहीं की कभी किसी की निंदा, समाज को आगे बढ़ाने का था उनका प्रयास
श्री क्षेत्र श्रवणबेलगोला के समाधिस्थ जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी आज हमारे बीच नहीं हैं। आज उनका 75वां जन्म दिवस है। उनका जन्म 3 मई, 1949 को कर्नाटक के वारंग में हुआ। स्वामी जी श्रवणबेलगोला का पर्याय थे, जिन्होंने वहां की संस्कृति, संस्कार को संवारा
श्रवणबेलगोला • Rekha Jain • 3/5/2024, 5:00:26 am


















