अपनी संस्कृति सुरक्षित रखना हम सभी की साझी जिम्मेदारी : अपने मूल स्वरूप में जन-जन तक पहुंचाना होगा जैन धर्म का इतिहास
समाज के हर वर्ग में चर्चा है कि हम दिगंबर जैन समाज का इतिहास, संस्कार, संस्कृति, तीर्थंकरों के उपदेश जन- जन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। समाज में कोई ऐसा मजबूत साधन भी नहीं है, जिसके माध्यम से हम मुनियों और आचार्यों की वाणी, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचा
इंदौर • Rekha Jain • 29/4/2024, 5:50:09 am










