जिनवाणी ही आत्मा को अमरत्व का मार्ग दिखाने वाला दिव्य अमृत है : आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज, देहरा तिजारा के 31वें चातुर्मास में श्रद्धालुओं को मिला आध्यात्मिक संदेश
देहरा तिजारा के 31वें चातुर्मास में चंद्र तीर्थ मंडपम् की धर्मसभा में आचार्य श्री 108 विमर्श सागर जी महाराज ने जिनवाणी को आत्मकल्याण और मोक्षमार्ग का दिव्य अमृत बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन जिनवाणी का अध्ययन, मनन और आचरण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। पढ़िए श्रीफल साथी सोनल जैन की यह रिपोर्ट।
देहरा तिजारा • Shreephal Jain News • 06-08-2026, 11:22 pm





















