धर्म कार्य में अपनी शक्ति को नहीं छिपाना ही आर्जव धर्म—मुनि विशद सागर : ललितपुर के जैन मंदिरों में अभिषेक-शांतिधारा के साथ श्रद्धालु कर रहे दशलक्षण धर्म की आराधना
ललितपुर में पर्यूषण पर्व पर मुनि विशद सागर जी ने उत्तम आर्जव धर्म की व्याख्या करते हुए छल-कपट और मायाचारी से बचने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि धर्म कार्य में अपनी शक्ति नहीं छिपानी चाहिए और पाप कार्यों से बचना चाहिए। नगर के जिनालयों में विशेष आराधना जारी है।
ललितपुर • Shreephal Jain News • 18-09-2026, 05:27 pm




















