सत्य बोलना ही नहीं, सत्य को समझना और वास्तविक स्वरूप में स्वीकार करना भी जरूरी—आचार्य कल्पपुण्यसागर : धारियावद में उत्तम सत्य धर्म की आराधना, जम्बूद्वीप महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने समर्पित किए अर्घ्य
धारियावद में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत उत्तम सत्य धर्म की आराधना हुई। आचार्य कल्पपुण्यसागर जी ने सत्य को समझने, मानने और वास्तविक स्वरूप में स्वीकार करने की प्रेरणा दी। जम्बूद्वीप महामंडल विधान में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से अर्घ्य समर्पित किए। पढ़िए श्रीफल साथी अशोक कुमार जेतावत की यह रिपोर्ट।
धारियावद • Shreephal Jain News • 20-09-2026, 09:48 pm





















