इंदौर। श्रमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य वात्सल्य ऋषि मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री विनय नंदी जी महाराज का शनिवार को शांतिनाथ दिगंबर जैन बीसपंथी मंदिर, मल्हारगंज में चातुर्मास के लिए भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर धर्मलाभ लिया।

बैंड-बाजों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि चातुर्मास संयोजक धर्मेंद्र पाटनी के नेतृत्व में प्रातः 7:30 बजे लश्करी मंदिर, गोराकुंड चौराहे से बैंड-बाजों और समाजजनों के जयघोष के साथ शोभायात्रा प्रारंभ हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा भक्ति एवं उत्साह के साथ मल्हारगंज के विभिन्न मार्गों से होती हुई बीसपंथी मंदिर पहुंची।

मार्ग में हुआ पाद प्रक्षालन और आरती

मंदिर ट्रस्ट कमेटी के मनमोहन झांझरी, राजेश पांड्या, अजयपाल टोंग्या एवं प्रिसपाल टोंग्या ने बताया कि शोभायात्रा के मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने मुनि संघ का पाद प्रक्षालन एवं आरती कर श्रद्धा व्यक्त की। मुनि संघ के मंगल प्रवेश से क्षेत्र का वातावरण धर्ममय हो गया।

चातुर्मास आत्मचिंतन और आत्मशुद्धि का अवसर

मंगल प्रवेश के अवसर पर आयोजित महती धर्मसभा में मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज ने कहा कि चातुर्मास आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि, संयम, स्वाध्याय और तप का अनुपम अवसर है। जीवन में क्षमा, करुणा, विनम्रता और सदाचार को अपनाना ही सच्ची धर्म साधना है। धर्म का प्रभाव तभी दिखाई देता है, जब वह हमारे आचरण में उतरता है।

समाजजनों ने किया मुनि संघ का स्वागत

इस अवसर पर समाज के श्रेष्ठिवर्ग अमित कासलीवाल, नरेश सेठी, एमके जैन, हंसमुख गांधी, टीके वेद, कैलाश वेद, निर्मल कासलीवाल, डीके जैन डीएसपी, जयदीप जैन पूर्व पार्षद, राकेश विनायका, कीर्ति पांड्या, जेनेश झांझरी, मनोज काला, पारस जैन सहित सैकड़ों श्रद्धालु एवं समाजजन उपस्थित रहे।

श्रद्धालुओं ने लिया धर्म साधना का संदेश

मुनिश्री के मंगल प्रवचन से श्रद्धालुओं ने चातुर्मास को आत्मचिंतन, संयम, स्वाध्याय और साधना का अवसर बनाने की प्रेरणा ली। धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखते हुए उसे जीवन के व्यवहार और आचरण में उतारने का संदेश दिया गया।

मांगलिक क्रिया के साथ संपन्न हुआ आयोजन

कार्यक्रम का संचालन चातुर्मास संयोजक धर्मेंद्र पाटनी ने किया। स्वागत अजय रावका एवं भरत काला ने किया। मांगलिक क्रिया नगर गौरव नितिन झांझरी ने संपन्न कराई। मुनि संघ के मंगल प्रवेश से बीसपंथी मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।