बड़ों में उदारता और छोटों में लघुता ही मोक्षमार्ग का आधार : निर्यापक मुनिश्री समतासागर जी
कुण्डलपुर में निर्यापक श्रमण मुनिश्री समतासागर जी महाराज ने कहा कि बड़ों में उदारता और छोटों में लघुता, विनय तथा समर्पण का भाव संबंधों और आत्मकल्याण का आधार है। उन्होंने अहंकार छोड़कर गुरु एवं जिनालय के प्रति विनय रखने की प्रेरणा दी। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।
कुण्डलपुर (म.प्र. • राजीव सिंघई • 22-08-2026, 09:52 pm




















