मिथ्यात्व आत्मा पर कब्जा किए बैठे गुंडे के समान है : इसे हटाना ही सबसे कठिन साधना—मुनिश्री सुधासागर जी
इंदौर के दलालबाग स्थित विद्या सुधा देशना मंडप में मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि सम्यक दर्शन के लिए मिथ्यात्व रूपी गलत दृष्टि को त्यागना आवश्यक है। उन्होंने वैराग्य को संसार की वास्तविकता से उत्पन्न आत्मचिंतन बताया। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।
इंदौर • Shreephal Jain News • 03-10-2026, 02:02 pm




















