धर्म ही मंगल है, धर्म ही उत्तम है, धर्म ही शरण है : पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी गुरुदेव
दिल्ली के ऋषभोदय, ऋषभ विहार में पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी गुरुदेव ने धर्म को सुख-शांति, सद्गति और आत्मकल्याण का आधार बताते हुए पुण्य वृद्धि, योग्यता विकास और सल्लेखना समाधि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। पढ़िए श्रीफल साथी अभिषेक अशोक पाटील की यह रिपोर्ट
दिल्ली • अभिषेक अशोक पाटील • 22-08-2026, 04:26 pm




































