आत्म प्रशंसा और पर निंदा से बचने पर ही मिलती है सफलता : मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी ने चातुर्मासिक धर्मसभा में दी मंगल देशना
मैं अच्छा हूं और सारी दुनिया बुरी है, मेरे से अच्छा कोई हो नहीं सकता और कर भी नहीं सकता, जिसके मन में ऐसा भाव आ जाए उसका पतन निश्चित है। यह बात मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज ने सोमवार को दलाल बाग स्थित विद्या सुधा सत्संग मंडप में कहीं। इंदौर से पढ़िए, राजेश जैन दद्दू की यह खबर...
इंदौर • Shreephal Jain News • 24-08-2026, 06:39 pm





















