जगत अच्छाइयों का गुलदस्ता दृष्टि तय करती है फूल दिखेंगे या कांटे: आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने दिया सकारात्मक दृष्टि रखने का संदेश
आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह जगत अच्छाइयों का गुलदस्ता है, आवश्यकता केवल उन्हें पहचानने की है। तिजारा से पढ़िए, सोनल जैन की यह रिपोर्ट...
तिजारा • Shreephal Jain News • 12-09-2026, 06:17 pm





















