कुचामन सिटी। डीडवाना-कुचामन जिले के घाटी कुआँ स्थित दिगंबर जैन तेरहपंथी मंदिर में विराजमान मूलनायक श्री 1008 भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर स्वतः जलधारा प्रवाहित होने का दावा सामने आया है। मंदिर समिति एवं घटना के समय उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे देवकृत जलाभिषेक और अतिशय बताया है। दृश्य देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
सुबह 7 बजे प्रक्षाल के लिए पहुंचे तो देखा दृश्य
मंदिर समिति के सचिव सुभाष पहाड़िया ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे श्रावक नित्य नियम के अनुसार प्रक्षाल एवं कलशाभिषेक की तैयारी के लिए मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भगवान आदिनाथ की प्रतिमा पर बिना किसी मानवीय प्रयास के जलधारा प्रवाहित होते देखने की बात कही।
अचानक दिखाई दिए इस दृश्य से वहां मौजूद समाजजन अचंभित रह गए और उन्होंने इसे भगवान आदिनाथ का अतिशय मानकर श्रद्धापूर्वक दर्शन किए।
विजय कुमार सहित कई श्रावक बने प्रत्यक्षदर्शी
सुभाष पहाड़िया के अनुसार विजय कुमार, चिरंजीलाल, अशोक कुमार, अर्पित, अमित पहाड़िया, पूर्णमल झांझरी और निर्मल पहाड़िया सहित कई श्रावक उस समय मंदिर में मौजूद थे। उन्होंने भी प्रतिमा पर जलधारा प्रवाहित होते देखने की बात कही।
खबर फैली तो दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
घाटी कुआँ मंदिर में देवकृत जलाभिषेक बताए जा रहे इस घटनाक्रम की जानकारी फैलते ही कुचामन सिटी में इसकी चर्चा होने लगी। जैन समाज के साथ अन्य समाजों के लोग भी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान आदिनाथ की पूजा-अर्चना एवं दर्शन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
समाजजनों ने बताया मंगलकारी अतिशय
स्थानीय समाजजनों का कहना है कि जैन धार्मिक मान्यताओं में तीर्थंकर प्रतिमा पर इस प्रकार स्वतः जलधारा प्रवाहित होने को श्रद्धालु देवकृत अभिषेक और अतिशय के रूप में देखते हैं। समाजजनों ने इसे नगर, राज्य और देश के लिए मंगलकारी होने की भावना व्यक्त की।




