आज दान और त्याग की भावना से सराबोर हुआ सनावद जैन समाज : दसलक्षण महापर्व में मुनि श्री साध्य सागर और विश्वसूर्य सागर जी के प्रवचनों ने दिया दान का महत्व
सनावद में दिगंबर जैन समाज ने दसलक्षण पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना की। मुनि श्री साध्य सागर जी और मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी ने प्रवचनों में बताया कि दान हमेशा स्व और पर के उपकार के लिए किया जाता है। समाजजनों ने चार प्रकार के दान देकर पुण्य अर्जित किया और प्रतियो
सनावद • Shreephal Jain News • 05-09-2025, 01:29 am




















