भगवान महावीर स्वामी के 2552वें निर्वाणोत्सव पर विशेष : दीपावली से शुरू हुआ था भारत का सबसे प्राचीन संवत
जैन परंपरा में दिवाली पर्व का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान महावीर स्वामी के निर्वाणोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ईसा से 527 वर्ष पूर्व कार्तिक कृष्ण अमावस्या को भगवान महावीर का निर्वाण हुआ था। इसके अगले दिन, कार्तिक शुक्ल एकम से जैन परंपरा में नए वर्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस
इंदौर • Shreephal Jain News • 19-10-2025, 02:10 pm



















