जो छोड़ते हैं वे निडर होकर घूमते हैं : मुनि श्री विध्रुव सागर जी ने कहा-हम सभी में भगवान बनने की सामर्थ्य है
एक दिगम्बर जैन साधु सबकुछ छोड़कर निर्भय होकर विचरण करते हैं। पूर्वाचार्यों ने कहा है कि जोड़ने की अभिलाषा ही दुःख का कारण है। यह विचार मुनि श्री विध्रुव सागर जी महाराज ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर परिसर समर्थ सिटी में व्यक्त किए। इंदौर से पढ़िए, ओम पाटोदी की यह खबर... इंदौर
इंदौर • Shree Phal News • 07-01-2026, 06:52 pm





















