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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी उत्तरप्रदेश- उत्तराखंड अंचल का दो दिवसीय आंचलिक अधिवेशन : तीर्थक्षेत्रों के संरक्षण, संवर्द्धन के लिए संकल्पित होने का समय

श्री अहिक्षेत्र पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थक्षेत्र प्राकृतिक जलवायु एवं शुद्ध वातावरण के बीच शांत वातावरण में स्थित एक सुप्रसिद्ध तीर्थ भूमि है। मान्यता के अनुसार यह तीर्थंकर पार्श्वनाथ की केवलज्ञान भूमि है , यहीं पार्श्वनाथ भगवान पर घोर उपसर्ग भी किया था। यहां चमत्कार के अनेक कथानक उ

इंदौर • Shreephal Jain News • 12-04-2024, 10:49 pm

मुनि दीक्षा दिवस पर विशेष आलेख: नक्षत्र बनकर जगमगाएंगेअतिवीर जी मुनिराज

प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) की पट्ट परम्परा में पंचम पट्टाधीश परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज ने अपनी पारखी नज़रों से एक अनमोल रत्न को तराशा। पूज्य गुरुवर ने अपने प्रियाग्र शिष्य की विशेष योग्यता, दिव्यता, संगठन व संचालन कुशलत

इंदौर • Shreephal Jain News • 09-04-2024, 07:39 pm

31 मार्च दीक्षा दिवस पर विशेष : निद्रा विजेता कहलाए जैनाचार्य ज्ञानसागर महाराज

आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज ने समाज की मुख्य धारा से अलग-थलग रहने वाले बिहार, बंगाल, उड़ीसा के सराक बन्धुओं को समाज की मुख्य धारा में जोड़ते हुए उन्हें शिक्षित व सशक्त बनाकर उन्हें संगठित किया और समाज की मुख्य धारा से जोड़ा। इस कारण उन्हें सराकोद्धारक नाम की विशिष्ट पहचान मि

इंदौर • Shreephal Jain News • 30-03-2024, 11:04 pm

साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी आर्यिका105 सृष्टि भूषण माताजी अवतरण दिवस 23 मार्च पर विशेष आलेख

आध्यात्म की सरिता स्वरूपा, आत्महित एवं परहित में संलग्न पूज्य माता श्री आर्यिका 105 श्री सृष्टि भूषण माताजी जी, साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है। सृष्टि का अलंकरण करती पूज्य माता जी सृष्टि के दुखों को भी हरती है। परम पूजनीय जैनधर्म प्रभाविका आर्यिका 105 सृष्टि भूषण माता

इंदौर • Shreephal Jain News • 22-03-2024, 11:10 pm

विश्व गौरया दिवस आज : तकनीक का असर पड़ रहा है गौरैया पर

आज दुनिया भर में ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जा रहा है. यह हर साल 20 मार्च को होता है। दुनिया भर में गौरैया पक्षी की संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में इस पक्षी के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जाता है। आज हमें गौरया की चहचहाहट सुनाई नहीं दे र

इंदौर • Shreephal Jain News • 20-03-2024, 07:42 pm

समस्त विशालताओं में विशालतम है स्त्री : विश्व की समस्त विशालताओं में विशालतम है-परमात्मा, आसमां और महात्मा। किंतु ये शब्द संग्रह भी मां वर्ण के बिना अधूरे हैं, अपूर्ण हैं।

इस अवसर्पिणी युग का प्रारंभ ही स्त्री शक्ति के विकास एवं महत्व की सर्वाधिक महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रभु श्री आदिनाथ ने अपने ग्रहस्थावस्था में भी भोगभूमि से कर्मभूमि में परिणत भरत क्षेत्र की आकुलित जनता को षटकर्म का उपदेश दे कर जीवन निर्वाह की कला से परिचित कराया। असि, मसि, कृषि,

इंदौर • Shreephal Jain News • 08-03-2024, 02:30 pm

अपने ज्ञान और अपनी तपस्या से पूरे समाज का पथ प्रदर्शन कर रही : दिगम्बर जैन परम्परा में आर्यिका रत्नों की समृद्ध परम्परा

दिगम्बर जैन परम्परा के साधु की चर्चा आते ही मन-मस्तिष्क में कठोर तपस्वी, त्यागमूर्ति, संसार की समस्त क्रियाओं से उदासीन संत की छवि उभरती है। पुरूष संतो के साथ ही जैन समाज में महिला संत यानी आर्यिकाएं भी हैं जो अपने ज्ञान और अपनी तपस्या से पूरे समाज का पथ प्रदर्शन कर रही हैं। पढ़ि

इंदौर • Shreephal Jain News • 08-03-2024, 12:30 pm

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : जैन धर्म की पताका फहराती प्रमुख जैन नारियां

आदिपुराण में कहा गया है कि ‘कन्या रत्नात् परं नान्दय’ अर्थात् कन्यारत्न से बढ़कर कोई रत्न नहीं है। नारी की महत्ता उसके नारीत्व गुणों से है। श्रेष्ठ महापुरुषों को जन्म देने वाली माता लोक में पूजनीय है। पढ़िए डाॅ. ज्योति जैन, खतौली का यह विशेष आलेख.... विश्व जननी ‘नारी’ सृष्टि के वि

इंदौर • Shreephal Jain News • 08-03-2024, 11:30 am

अयोध्या के मंदिर जैसा है जैन तीर्थ श्री सुमति नाथ मंदिर : पंचकल्याणक में पहली बार बिना धन की बोली

इंदौर में बना जैन तीर्थ श्री सुमति नाथ मंदिर अयोध्या के मंदिर जैसा ही बना है, आध्यात्मिकता और मैनेजमेंट को समझने के लिए युवाओं के लिए यह मंदिर जैन शोध का विषय है । यहां पर रामलला जैसी 51 इंच की श्री सुमतिनाथ भगवान की मूर्ति है गर्भगृह, नक्काशी, उड़ीसा के ही योग्य कारीगरों द्वारा क

इंदौर • Shreephal Jain News • 03-03-2024, 01:59 am

सामूहिक आचरण में तो बने रहें जैन : सोचिए आने वाली पीढ़ी को क्या देकर जाएंगे हम

जैन धर्म में सात्विक भोजन करने का उपदेश तीर्थंकरों ने दिया। पूरे विश्व में जैन समाज की पहचान भी इसी से है। समय के चलते आज जैन परिवार भी जमीन में उगने वाले कंद जैसे आलू, मूली, गाजर, लहसुन आदि खाने लग गए हैं। जैन धर्म की संस्कृति पर कुठाराघात करती इस प्रवृति पर पढ़िए श्रीफल जैन न्य

इंदौर • Shreephal Jain News • 28-02-2024, 06:06 pm

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का समाधिमरण : राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्ध थे आचार्य श्री

संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज जी, देशवासियों के हृदय और मन-मस्तिष्क में सदैव जीवंत रहेंगे। आचार्य जी के संदेश उन्हें सदैव प्रेरित और आलोकित करते रहेंगे। पढ़िए उनके महाप्रयाण पर सुरेश जैन(आईएएस) और न्यायमूर्ति विमला जैन का विशेष आलेख आचार्य श्री विद्यासागर जी मह

इंदौर • Shreephal Jain News • 25-02-2024, 06:48 pm

कहानी जिन मंदिरों की : अतिशय्पूर्ण गोपाचल पर्वत, जहां हैं 6 इंच से लेकर 57 फीट की डेढ़ हजार से ज्यादा जैन प्रतिमाएं

24 जैन तीर्थंकरों की आश्चर्यजनक रॉक-कट मूर्तियों से सजा जैन सिद्ध क्षेत्र गोपाचल ग्वालियर में है। चट्टान से उकेरी गई इन प्रभावशाली मूर्तियों का दौरा करना एक आध्यात्मिक और विस्मयकारी अनुभव है। कमल पर विराजमान तीर्थंकर आदिनाथ जी की 47 फीट ऊंची विशाल अखंड प्रतिमा देखने लायक है। तोमर

इंदौर • Shreephal Jain News • 15-02-2024, 11:30 am

धर्म का मर्म में जानिए वसंत पंचमी का महत्व : बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व होता है प्रारंभ

बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व प्रारंभ होता है, वसंत पंचमी को ही आचार्य कुंदकुंद देव की जन्म तिथि है, ये सरस्वती की आराधना का दिन है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू का आलेख। बसंत पंचमी से माघ मास वाला दसलक्षण पर्व प्रारंभ होता है, वसंत पंचमी को ही आचार्य कुंदकुंद देव की जन्म तिथि

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-02-2024, 10:57 pm

चिंतन का विषय : राम मंदिर के रूप में दूर हुआ विवाद, क्या जैन यक्ष-यक्षिणी से जुड़े विवाद होंगे दूर

यह सत्य है कि राम उत्सव देश का उत्सव था। हमें सब को मानना चाहिए था, नहीं मनाते तो ऐसा लगता कि समाज का हिस्सा नहीं है लेकिन क्या अपने अस्तित्व, स्वरूप को भुलाकर हमें किसी भी उत्सव में शामिल होना चाहिए? पढ़िए दीपक जैन का विशेष आलेख इंदौर। चंद्रगुप्त के स्वप्न सच होते दिखाई दे रहे ह

इंदौर • Shreephal Jain News • 26-01-2024, 11:30 am

समाज मे अविवाहित युवकों की बढ़ रही संख्या : समाज का बिगड़ रहा ताना-बाना

समाज मे अविवाहित युवकों की संख्या लगातार बढ़ रही है जिससे समाज का ताना-बाना बिगड़ रहा है। इसका बड़ा कारण है अब मध्यस्थ का अभाव है। कोई किसी को सम्बन्ध बताने तैयार नही। समाज की समस्या पर पढ़िए अनिल बड़कुल का आलेख। आंकड़ों के अनुसार, जैन समाज की पारिवारिक प्रजनन दर 1.2 है जो की एनी समाजो

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-01-2024, 11:38 pm

जीवन में उतारें प्रभु श्रीराम का एक गुण : लें प्रतिज्ञा नहीं छोड़ेंगे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम में

देश के इतिहास में एक पन्ना और जुड़ जाएगा, जब सैकड़ों वर्षों के बाद आगामी 22 जनवरी को अयोध्या में बने भव्य मंदिर में जन- जन की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा के बाद विराजमान हो जाएंगे। पढ़िए राम के एक गुण पर रेखा संजय जैन का विशेष आलेख .... देश के इतिहास

इंदौर • संपादक • 20-01-2024, 11:34 am

विश्व हिंदी दिवस पर विशेष आलेख : हिंदी से मुमकिन है देश की तरक्की

जैन आचार्य विद्यासागर महाराज ने कहा है कि हम लोग हिंदी में सोचते हैं, हिंदी में सपना देखते हैं। तो काम भी हिंदी मे होना चाइए। जब ही देश की तरक्की मुमकिन है। पढ़िए नीति जैन का विशेष आलेख अंबाह। विश्व हिन्दी दिवस प्रति वर्ष 10 जनवरी को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसके मनाने का उ

इंदौर • Shreephal Jain News • 10-01-2024, 10:45 pm

2900 वें जन्मकल्याणक पर विशेष: काशी के नाथ तीर्थंकर पार्श्वनाथ

जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर पा‌र्श्वनाथ भगवान के 2900वें जन्मकल्याणक पर पढ़िए विशेष आलेख, जिसे लिखा है राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित प्रो. अनेकांत कुमार जैन ने । प्रो. अनेकांत नई दिल्ली के श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में जैन दर्शन विभाग में आचार्य हैं ।

इंदौर • Shreephal Jain News • 09-01-2024, 01:04 am

तीर्थंकर : चंदाप्रभु और पार्श्वनाथ : समानता और विषमताओं पर एक नजर

तीर्थंकर चंदाप्रभु और पार्श्वनाथ का एक ही तिथि को जन्म और तप कल्याणक, सभी गुण समान पर कद, आयु, रंग और तीर्थकाल में जमीन आसमान का अंतर हैं। दो तीर्थंकरों के जन्म और तप कल्याणक पर विशेष आलेख पढ़िए । आलेख का संकलन किया है वरिष्ठ पत्रकार रत्नेश जैन, राजेश रागी बकस्वाहा ने । पौष कृष्ण

इंदौर • Shreephal Jain News • 08-01-2024, 02:23 pm

वतन की आजादी की खातिर दी अपने प्राणों की आहूति : आजादी के प्रथम नायक थे लाला हुकुमचंद जैन

करीब-करीब 166 वर्ष पहले 19 जनवरी, 1858 के दिन निष्ठुर अंग्रेजों ने देशभक्त लाला हुकुमचन्द जैन, मुनीर बेग और हुकुमचन्द जैन के भतीजे फकीरचन्द जैन को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया। जिनका गुनाह देश की आजादी की मांग था। जिन्हें बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। पढ़िए आजादी के परवान

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-12-2023, 11:18 pm