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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी का दीक्षा दिवस : महान व्यक्तितव के धनी थे स्वामी जी

भगवान श्री बाहुबली के परम भक्त जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी का आज दीक्षा दिवस है। इसी वर्ष 23 मार्च 2023 को स्वामी जी की समाधि हुई थी। चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी महान व्यक्तितव के धनी थे उन्होंने जैन मठ श्रवणबेलगोला तीर्थ को महामस्तकाभिषेक से नई उं

इंदौर Shreephal Jain News 12-12-2023, 04:26 am

बिम्ब प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य स्मारक प्रतिष्ठा : चतुर्थ पट्टाचार्य आचार्य अजितसागर जी महाराज

श्री दिगम्बर जैन अजितकीर्ति गिरि साबला में 6 दिसम्बर से 8 दिसम्बर 2023 तक आचार्य अजितसागरजी महाराज बिम्ब प्राण प्रतिष्ठा एवं भव्य स्मारक प्रतिष्ठा मंगल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है ।महोत्सव पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य शिरोमणी 108 श्री वर्धमानसागर जी महाराज के पावन सान

इंदौर राखी जैन 06-12-2023, 06:19 pm

इस वर्ष 2550वां निर्वाण महोत्सव मना रहा है जैन समाज : जानिए भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन परिचय

महावीर जैन धर्म में वर्तमान अवसर्पिणी काल के 24वें तीर्थंकर है। उन्होंने इस संसार को न केवल मुक्ति का संदेश दिया, अपितु इसके लिए सरल और सच्ची राह भी बताई। भगवान महावीर ने आत्मिक और शाश्वत सुख की प्राप्ति के लिए पांच सिद्धांत हमें बताए : सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्

इंदौर संपादक 12-11-2023, 06:34 pm

जिनवाणी के चिन्तवन मात्र से प्राप्त करें आनंद : अष्ट कर्मों के नाश और केवल्य ज्ञान प्राप्ति के प्रकाश का पर्व है दीपावली

अष्ट कर्मों के नाश और सम्पूर्ण ज्ञान के प्रकाश का पर्व है दीपावली। ईसा के 527 वर्ष पूर्व कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि और कार्तिक कृष्ण अमावस्या की प्रातः काल की बेला में पावापुरी (बिहार) में इस काल के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर ने अष्ट कर्मों ज्ञानावरणीकर्म, दर्शनावरणी, वेदन

इंदौर संपादक 11-11-2023, 11:53 pm

दूसरों के लिए उदाहरण बनने की रखें सोच : सबको खुशी देने वाली दीपावली मनाने का संकल्प लें- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

दीपावली खुश होने और दूसरों को खुशियां देने वाला पर्व है। जिस तरह ज्योत से ज्योत जलती है, उसी तरह प्रदूषण रहित दीपावली मनाने का एक व्यक्ति का संकल्प अन्य लोगों को प्रेरित करेगा और वे भी ऐसी दीपावली मनाने के लिए प्रेरित होंगे। पढ़िए दीपावली के विशेष अवसर पर अंतर्मुखी मुनि पूज्य साग

इंदौर संपादक 10-11-2023, 11:03 pm

भगवान महावीर के 2550वे निर्वाणोत्सव पर विशेष : रूढ़ियों, कुरीतियों और भ्रम से निकलें, अंतःकरण प्रकाशित करें

महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण अर्थात् मोक्ष प्राप्त किया था। जैन परंपरा में दीपावली, महावीर स्वामी के निर्वाण दिवस के रूप में मनाई जाती है। जहां कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन भगवान महावीर ने मोक्ष को प्राप्त किया था, वहीं इसी दिन संध्याकाल में उनके प्रमुख शिष

इंदौर संपादक 10-11-2023, 11:30 am

पंच महाव्रतों की ज्योति से आलोकित हो जीवन : इस दीपावली करें महावीर बनने का संकल्प

विश्व को जीतना आसान है, लेकिन खुद पर विजय पाना अत्यंत मुश्किल काम है और जो ऐसा कर पाते हैं, वे ही सच्चे अर्थ में महावीर बन पाते हैं। आप सोचिए कि चंचल मन और मस्तिष्क को नियंत्रण करना क्या आसान काम है? खुद की इंद्रियों को वश में रख पाना क्या हर किसी के बस की बात है? पढ़िए मनीष गोधा

इंदौर संपादक 09-11-2023, 08:55 pm

प्रसन्नता है दीपावली के त्योहार का प्राणतत्व : भगवान महावीर का निर्वाण बताता है कि ज्ञान का दीपक जल गया-अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

हिन्दू, जैन, बौद्ध, सिख, आर्य समाज यानी भारतीय परम्परा से निकले जो भी धर्म और मत हैं, लगभग उन सभी में दीपोत्सव मनाने के अपने-अपने कारण हैं और शायद इसी वजह से दीपावली पूरे भारतवर्ष का त्योहार है। हर वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या, जो अंग्रेजी कलेण्डर के हिसाब से अक्टूबर या नवम्बर मे

इंदौर संपादक 09-11-2023, 11:30 am

दिवाली खुशियों वाली : अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर की अपील, कुम्हारों से खरीदें मिट्टी के दीए

दीपावली में मिट्टी के दीये का सांस्कृतिक महत्त्व है। इसी महत्त्व के कारण एक परंपरा बनी है कि दीपावली की रात मिट्टी के दीयों को जलाया जाए। मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हार भारतीय समाज के अभिन्न अंग हैं। क्यों न इस दिवाली इन्हीं कुम्हारों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई जाए। ऐसी ही अपील

इंदौर संपादक 08-11-2023, 11:06 pm

जैन धर्म समाज, साहित्य और संस्कृति में अतुलनीय योगदान : जैन समाज में शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी सी चमक रही हैं ज्ञानमति माताजी

सन् 1934 की शरद पूर्णिमा के शुभ दिन जब चन्द्रमा की शुभ्र छटा सम्पूर्ण धरा को अपने आवेश में समेटे थे, तब उ.प्र. के बाराबंकी जनपद के ग्राम टिकेतनगर में बाबू छोटेलाल जी जैन के घर एक कन्या का जन्म हुआ। यही कन्या आगे चलकर जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी ज्ञानमति माताजी बनीं। पहले मात्र 18

इंदौर संपादक 28-10-2023, 03:36 am

जीवन में गहरा असर डालते हैं पंचक : पंचक क्या हैं और क्यों लगते हैं -ज्योतिषाचार्य हुकुमचंद जैन

ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन के अनुसार यू तो पंचक हर माह पांच दिनों के लिए लगते है सोमवार,बुधवार,गुरुवार को प्रारंभ होने वाले पंचक शुभ फल देने वाले होते हैं। पंचक बार और नक्षत्र के अनुसार फल तो करते ही हैं व्यापारिक वस्तुओ को भी अच्छा खासा तेजी मंदी का अनुमान पूरे माह के लिए करा

इंदौर Shreephal Jain News 03-08-2023, 12:25 am

हमारे उत्सवों के स्तर और गरिमा का सवाल : कार्यक्रमों के गुणात्मक स्तर को भी सुधार लें तो ये होंगे ज्यादा प्रभावशाली और सार्थक-प्रो. अनेकांत कुमार जैन

प्रो. अनेकांत कुमार जैन, सलाहकार, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चिंतन है कि चातुर्मास में भव्याति भव्य कार्यक्रम होते हैं। प्रायः सभी कार्यक्रमों को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व भी बतलाया जाता है। खर्च और वैभव से तो हम भव्यता विकसित कर ही रहे हैं किंतु साथ में यदि इन कार्यक्रमों के गुणात

इंदौर Shreephal Jain News 09-07-2023, 05:05 am

बच्चों को शुरू से ही देने होंगे जैन संस्कार : धर्मांतरण पर चिंता नहीं, चिंतन की आवश्यकता

भी हाल ही में गाजियाबाद व दमोह की घटनाओं में जैन धर्मावलम्बियों को इस्लाम धर्म कबूल करते व मुस्लिम होते देखा गया। जिससे हम सब जैन धर्म के अनुयायी चिंता में आ गए व व्हाटसअप वीरों को चिंता में बड़े-बड़े सुझाव देखने सुनने को मिल रहे हैं। आजकल हमारी चिंता फेसबुक आदि इलेक्ट्रानिक मीडि

गाजियाबाद Shreephal Jain News 14-06-2023, 05:32 pm

ज्ञान का अमृत पर्व है श्रुत पंचमी : भगवान महावीर के दर्शन को पहली बार प्रस्तुत किया गया था लिखित ग्रंथ में

श्रुत पंचमी महापर्व के दिन जैन धर्म के प्रथम ग्रंथ को लिपिबद्ध किया गया था। इससे पूर्व सभी ज्ञान को अपने कंठ में रखने की परंपरा थी तथा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में वचनों द्वारा ही स्थानातरित किया जाता रहा था। पढ़िए इस पर्व पर अंतर्मुख मुनि श्री पूज्य सागर महाराज का यह विशेष आलेख..

इंदौर Shreephal Jain News 24-05-2023, 11:30 am

श्रुत पंचमी विशेष: पहले तीर्थंकर केवल उपदेश देते थे, तब तीर्थंकरों की वाणी को लिखने की परंपरा नहीं थी, पहली बार तीर्थंकर महावीर की ज्ञानवाणी को लिपिबद्ध किया गया

जैन दर्शन में जैसे तीर्थंकर भगवंतों की जन्म जयंती मनाते है, वैसे ही श्रुत पंचमी का महापर्व मनाया जाता है। श्रुत पंचमी को संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश भाषा के हस्तलिखित प्राचीन शास्त्रों को भगवान की वेदी के पास स्थापित कर उनकी आवरण की साज-सज्जा कर पूजन किया जाता है। पढ़िए श्रुत पंचमी

इंदौर Shreephal Jain News 24-05-2023, 12:35 am

प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज 'छाणी' के समाधि दिवस पर विशेष : दिगंबर साधुओं के विहार का मार्ग किया था प्रशस्त

परम पूज्य आचार्य श्री 108 शान्ति सागर जी महाराज 'छाणी' ने 17 मई, 1944 को राजस्थान के सागवाड़ा नगर में समाधिपूर्वक मरण कर इस नश्वर देह का त्याग किया। पूज्य आचार्य श्री का जितना विशाल एवं अगाध व्यक्तित्व था, उनका कृतित्व उससे भी अधिक विशाल था। इस अवसर पर पढ़िए परम पूज्य आचार्य श्री

इंदौर Shreephal Jain News 16-05-2023, 08:33 pm

श्री दि.जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र मुरैना के हैं प्रणेता : सराकोद्धारक आचार्य ज्ञानसागर महाराज के अवतरण दिवस पर विशेष

धर्म नगरी मुरैना में ही 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर माता श्रीमती अशर्फी देवी जैन की कोख से बालक उमेश का जन्म हुआ। पूज्य गुरुदेव भगवान महावीर निर्वाण दिवस 15 नवम्बर 2020 को अतिशय क्षेत्र बारां (कोटा) में समाधि को प्राप्तकर मोक्षगामी हो गए। गुरुदेव के अवतरण

मुरैना Shreephal Jain News 30-04-2023, 08:40 pm

महावीर जन्मकल्याणक पर विशेष : विश्व को आवश्यकता भगवान् महावीर स्वामी की

सम्प्रति काल में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्चर्य की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी भगवान् महावीर स्वामी के काल में थी। पूर्व में धर्म के नाम से हिंसा होती थी। वर्तमान में धर्म के साथ राज्यों, राष्ट्रों के नाम पर मानव जाति अपनी कषाय पोषण में हिंसा कर्म में लीन है। पढ़िए मुनि श्री विशु

इंदौर Shreephal Jain News 03-04-2023, 06:08 pm

महावीर जन्म कल्याणक विशेष : इन 21 प्रश्नों के उत्तर से परखिए खुद, कितना जानते हैं आप भगवान महावीर को

कितना जानते हैं आप जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर को, तो इन 21 प्रश्नों और उनके उत्तरों से जानें, कितना है आपका ज्ञान भगवान महावीर के बारे में। महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन पर अवसर तुष्टि कीर्तेश जैन, घाटलो की प्रस्तुति... 1. बालक महावीर का जन्म कहां हुआ था ? बालक महावीर का ज

इंदौर Shreephal Jain News 01-04-2023, 10:44 pm

आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के दीक्षा दिवस 31 मार्च पर विशेष : सराकोद्धारक व सराको के राम नाम से हुए प्रसिद्ध

मुरैना में 01 मई 1957 को श्री शांतिलाल जैन (विचपुरी वाले) के घर मां श्रीमती अशर्फी देवी की कुक्षी से एक बालक का जन्म हुआ। पंडित जी ने बालक की कुंडली बनाकर नाम रखा उमेश। यही उमेश आगे चलकर आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के नाम से प्रसिद्ध हुए। आपने भगवान महावीर स्वामी जन्मकल्याणक

मुरैना Shreephal Jain News 30-03-2023, 09:38 pm