संपत्ति से नहीं, संयम से आती है महानता विनम्रता से मिलती है ऊंचाई: मुनिश्री संभवसागरजी के प्रवचनों का रसास्वादन कर रहे धर्मप्राण समाजजन
श्री शांतिनाथ जिनालय, स्टेशन जैन मंदिर में प्रातःकालीन धर्मसभा में मुनि श्री संभवसागर महाराज ने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि मनुष्य की वास्तविक महानता बाहरी संपत्ति या ऐश्वर्य से नहीं, बल्कि संयम और विनम्रता से प्रकट होती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाहरी भोग-विलास कभी आत्
इंदौर • Shree Phal News • 25/2/2026, 11:19:47 pm




















