दसलक्षण पर्व पर आज जानिए उत्तम आकिंचन्य धर्म के बारे में : आत्मा का ध्यान करना ही आकिंचन्य धर्म- मुनि पूज्य सागर महाराज
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के नौवे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर मुनि श्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आकिंचन्य धर्म आत्मा की उस दशा का नाम है जहां पर बाहरी सब छूट जाता है किंतु आंतरिक संकल्प विकल्प
इंदौर • Shreephal Jain News • 17-09-2024, 05:08 am





















