चातुर्मास में वैराग्य का बीजारोपण: फलीभूत 7 प्रतिमा धारी 64 वर्षीय मंजू दीदी लेंगी जेनेश्वरी दीक्षा, रत्नत्रय रूपी तीन दिवसीय दीक्षा समारोह हुआ प्रारंभ
दीक्षा पूर्व केश लोचन में दीक्षार्थी की कष्ट परिषह सहने की शक्ति की अग्नि परीक्षा होती है। दीक्षा कांटों का मार्ग है। तलवार की धार पर चलने लोहे के चने चबाने के समान है। दीक्षार्थी की सरलता सहनशीलता से यह कठिन मार्ग भी सरल हो जाता है। आचार्य श्री सिद्धांत सागर जी ने मानव के दीक्षा
इंदौर • Shree Phal News • 21-07-2026, 09:58 pm





















