वर्ष 2024 को अलविदा : वर्ष 2025 का स्वागत
घड़ी की सुइयों का मिलन होने दो, इस रात को बारह बजे पहुँचने दो। हमने क्या? है खोया क्या? पाया, अब भूल भी जाओ उस बात को! आओ आज 2025 स्वागत करें। घड़ी की सुइयों का मिलन होने दो, इस रात को बारह बजे पहुँचने दो। हाँ, कुछ ख्वाब अधूरे रह गए होंगे, हमसे कुछ अपने बिछड़ गए होंगे! सभी उन्हें हम
इंदौर • Shreephal Jain News • 01-01-2025, 01:02 am





















