संसारी प्राणी कार्य करने में धर्म को भूल जाता है: आचार्यश्री वर्धमानसागर जी महाराज ने सीकर में धर्म सभा में दी मंगल देशना
हिंसा सबसे बड़ा पाप है। तीर्थंकरों ने भी धर्म का समीचीन ज्ञान प्राप्त कर जीवन का निर्माण कर जीवन से निर्वाण प्राप्त किया है। यह धर्म मंगल देशना आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने सीकर में धर्मसभा में दी है। सीकर से पढ़िए, श्रीफल साथी डॉ.राजेश पंचोलिया की यह रिपोर्ट... सीकर। हिंसा सबसे
इंदौर • Shree Phal News • 27-07-2026, 05:03 pm





















