णमोकार मंत्र ही कल्पवृक्ष और चिंतामणि रत्न है: आर्यिका श्री प्रेक्षामति माताजी ने किया कैशलोच
श्रीजी और पूर्वाचार्य का चित्र का अनावरण दीप प्रवज्जलन स्थानीय मंडल द्वारा किया जाकर आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की। शुक्रवार अष्टमी को आचार्य श्री सहित अनेक साधुओं के उपवास थे। संघ में आर्यिका श्री प्रेक्षामति माताजी ने कैशलोचन किया। मंगल देशना आचार्य श्री वर्धम
इंदौर • Shreephal Jain News • 19-07-2025, 01:20 am





















