आचार्यश्री विनम्रसागर जी ने बताया सिद्धचक्र विधान का महत्व: विधान के समापन पर निकाली भव्यतम रथयात्रा, हाथी और बैंडबाजे रहे शामिल
श्री सिद्धचक्र मंडल विधान आत्मशुद्धि, आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग का अद्वितीय साधन है। इसमें साधक सिद्ध भगवान की पूर्णता, पवित्रता और मुक्तात्म स्वरूप का स्मरण करता है। यह उद्गार आचार्यश्री विनम्रसागर जी महाराज ने श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के अंतिम दिन निकली रथयात्रा के दौर
इंदौर • Shreephal Jain News • 07-11-2025, 07:04 pm




















