चातुर्मास पूर्ण तीन स्थानों से जैन संतों का मंगल विहार: श्रद्धालुओं की नेत्रों से अविरल अश्रुधारा के बीच भावभीनी दी विदाई
गृहस्थ जीवन में, श्रवण जीवन में अंतर मिला, हमें मनुष्य जीवन मिला, इसे सार्थक करना हमारा सबका दायित्व है। जीवन में कठिनाइयों से डरने के बजाय मुकाबला करेंगे तो नई राह खुलेगी। यह विचार आचार्यश्री नयरत्नसागर जी महाराज ने विदाई के अवसर पर व्यक्त किए। इंदौर से पढ़िए, साभार यह खबर... इंद
इंदौर • Shreephal Jain News • 09-11-2025, 08:26 pm




















