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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

दया, अहिंसा, करुणा और प्रेम का महापर्व है चातुर्मास

धर्म और अध्यात्म: चातुर्मास महापुण्य का अर्जन करने का साधन आलेख- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर चातुर्मास महापुण्य अर्जन करने का साधन है। यह समय अधिक से अधिक 165 दिन और कम से कम 100 दिन का होता है। इसमें संत प्रवचनों के द्वारा आमजन में धार्मिक भावना का प्रसार करते हैं। यह है अध्यात्म

इंदौर संपादक 12-07-2022, 04:28 pm

जब अधर्मी, जैन धर्म को नुकसान पहुंचाने लगे तो उसे कुछ यूं बचाने आए भट्टारक

आलेख- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज धर्म पर अधर्म हावी होने के लिए जब-जब आगे बढ़ा तो संस्कृति के संरक्षण के लिए आचार्यों और मुनियों ने बलिदान दिया। आचार्य समंतभद्र, अकलंकदेव और निकलंक का बलिदान भुलाना असंभव है। पल-प्रतिपल घटने वाली बातें इतिहास का हिस्सा बनती जाती हैं। यह बलिदा

इंदौर संपादक 10-07-2022, 10:30 am

आओ जानें णमोकार मंत्र के महत्त्व को

णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूण आलेख- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज णमोकार मंत्र में विशिष्ट शुद्ध आत्मा को नमस्कार किया गया है । जिन्होनें अपने जीवन में अहिंसा को उतार लिया है तथा जिनकी सभी क्रिया अहिंसक है । यह आत्माएँ जैन संस्कृ

इंदौर संपादक 08-07-2022, 10:30 am

महान संत के बारे में कुछ लिखना सहज नहीं, पर उनसे जुड़े व्रतांतों से उनके तप, त्याग और संयम की प्रतिमूर्ति होने का पता चलता है...

श्रीफल के लिए सुरेश सबलावत की कलम से ऐसे ही आचार्य से जुड़े व्रतांत उनके 33 वें आचार्य पदारोहण दिवस पर साझा किए गए तीर्थंकर भगवान महावीर की परंपरा के सच्चे निर्वाहक आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज का नाम जैन समुदाय में बड़ी श्रद्धा और गौरव के साथ लिया जाता है। भगवान महावीर के बताए

इंदौर Shreephal Jain News 04-07-2022, 03:24 am

योग दिवस: योगासन में वज्रासन का महत्व जानिए

आलेख- डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’ इन्दौर। नियमित रूप से योग करने से शरीर, मन और आत्मा संतुष्ट रहती है। आजकल ऑफिस, घर और रिश्तों की वजह से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं, उनमें तनाव रहता है जिससे वे धीरे-धीरे मानसिक बीमारियों से घिर जाते हैं। लेकिन ऐसे में योग का महत्व समझा जा सकता

इंदौर Shreephal Jain News 21-06-2022, 06:11 am

विश्व योग दिवस पर विशेष: योग हमें खुद से मिलाता है

आलेख:- डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर। योग की उत्पत्ति प्राचीन समय में योगियों द्वारा भारत में हुई थी। योग का अर्थ है जुड़ना, मन को वश में करना और वृत्तियों से मुक्त होना। योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द से हुई है, जिसके दो अर्थ हैं :– पहला- जोड़ना और दूसरा– अनुशासन। योग का अभ्य

इंदौर Shreephal Jain News 21-06-2022, 05:27 am

अतिशयकारी टीले वाले बाबा: दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीरजी

प्रस्तुति-अदिति सेठी, जयपुर अटूट आस्था और विश्वास का अद्भुत केंद्र जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के प्रति देश-दुनिया में लोगों की अपार श्रद्धा है और श्रद्धालुओं की यही अटूट श्रद्धा और विश्वास है राजस्थान के करौली जिले के हिंडौन उपखण्ड में गंभीर नदी के पश्चिमी तट

इंदौर Shreephal Jain News 21-06-2022, 03:10 am

पर्यावरण दिवस 5 जून 2022 पर विशेष : कल के उजाले की आस देता दिन

पर्यावरण शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘परि’ + ‘आवरण’। ‘परि’ का अर्थ है- चारों ओर और ‘आवरण’ का अर्थ है-घेरा। वह घेरा जो हमारे चारों ओर व्याप्त है और जिसमें हम जन्मते, बढ़ते व जीवनयापन करते हैं, पर्यावरण कहलाता है। पूरी दुनिया में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस

इंदौर Shreephal Jain News 05-06-2022, 02:00 am

श्रुत पंचमी : दुर्लभ ग्रंथ एवं शास्त्रों की रक्षा का महापर्व

-डॉ. सुनील जैन 'संचय' ललितपुर 4 जून को श्रुत पंचमी महापर्व है। जैन परंपरा में आगम को भगवान महावीर की द्वादशांगवाणी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। श्रुत परंपरा जैन -धर्म -दर्शन में ही नहीं वैदिक परंपरा में भी चरमोत्कर्ष पर रही है। इसी के फलस्वरूप वेद को श्रुति के नाम से संबोधित

इंदौर संपादक 03-06-2022, 10:01 pm

शांति के नायक भगवान शांतिनाथ

शान्तिनाथ तुम शान्तिनायक, पण्चम चक्री जग सुखदायक ।। तुम ही सोलहवे हो तीर्थंकर, पूजें देव भूप सुर गणधर ।। पत्र्चाचार गुणोके धारी, कर्म रहित आठों गुणकारी ।। तुमने मोक्ष मार्ग दर्शाया, निज गुण ज्ञान भानु प्रकटाया ।। [caption id="attachment_24885" align="alignnone" width="300"] भीलूड़

इंदौर Shreephal Jain News 28-05-2022, 09:33 pm

बाधित प्रतिमा या यंत्र निगेटिव ऊर्जा निःसृत करते हैं

लेखक-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर हम मंदिर बनाते हैं खास तौर पर जैन मंदिर तो उसकी एक ही वेदी पर अनेकों प्रतिमाएँ विराजमान कर देते हैं। यदि मंदिर की वेदी पर अधिक स्थान नहीं होता है तो सबसे बड़ी प्रतिमा के आगे कुछ छोटी प्रतिमा, उससे आगे और छोटी इस तरह से एक-एक प्रतिमा के आगे

इंदौर संपादक 28-05-2022, 02:33 pm

अक्षय तृतीया से शुरू हुई थी आहारदान की परंपरा

03 मई 2022 अक्षय तृतीया विशेष : दान करने का महापर्व -डॉ. सुनील जैन ‘संचय’, ललितपुर भारतीय संस्कृति में पर्व, त्याहारों और व्रतों का अपना एक अलग महत्व है। ये हमें हमारी सांस्कृतिक परंपरा से जहां जोड़ते हैं वहीं हमारे आत्मकल्याण में भी कार्यकारी होते हैं। अक्षय तृतीया का दिन अपने आप

इंदौर संपादक 02-05-2022, 08:39 pm

सभी आधुनिक समस्याओं का समाधान देते हैं तीर्थंकर महावीर के सिद्धांत

भगवान महावीर 2621 वां जन्म कल्याणक 14 अप्रैल 2022 विशेष : -डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर (आध्यात्मिक चिंतक व जैनदर्शन के अध्येता) हर साल देश दुनिया में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को भगवान महावीर के जन्मकल्याणक के रुप में मनाया जाता है। भगवान महावीर सत्य, अहिंसा और त्याग की

इंदौर Shreephal Jain News 14-04-2022, 04:06 am

तीर्थंकर महावीर... एक नजर में

प्रस्तुति -अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज अन्य नाम- वर्द्धमान, वीर, अतिवीर, महावीर, सन्मति तीर्थकर क्रम -चतुर्विंशतम जन्मस्थान -क्षत्रिय कुण्डग्राम, वैशाली पिता नाम-सिद्धार्थ मातानाम -त्रिशला देवी (प्रियकारिणी) वंशनाम-नाथवंश गर्भावतरण -आषाढ़ शुक्ल षष्ठी जन्म तिथि -चैत्र शुक्ल त

इंदौर Shreephal Jain News 13-04-2022, 06:57 pm

कहाँ गयी मेरे आँगन की गौरैया!

विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च 2022 पर विशेष : गौरैया के अस्तित्व पर संकट के बादल, गौरैया के संरक्षण के लिए आगे आएं - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर ( एक समय था जब घर-घर में गौरैया दिखती थीं, लेकिन समय के साथ पक्के मकानों और कम होते जंगलों के कारण गौरैया के कुनबे भी कम हो गए, जिसका असर

इंदौर संपादक 20-03-2022, 09:42 am

धर्म और संस्कृति की ध्वजा निरंतर लहरा रहे हैं वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी

54वे दीक्षा दिवस 10 मार्च 2022 पर विशेष : त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज - डॉ. सुनील जैन ,संचय ललितपुर भारत की पावन भूमि पर अनेक विभूतियों ने जन्म लेकर इस पावन धरा को गौरवान्वित किया है। उन्हीं में एक संत परम पूज्य आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी म

इंदौर Shreephal Jain News 11-03-2022, 02:04 am

इक्कीसवीं सदी की नारी है आत्मनिर्भर

महिला दिवस 08 मार्च 2022 पर विशेष : समाज की वास्तविक वास्तुकार है नारी लेखक- डॉ. सुनील जैन संचय भारतीय संस्कृति में नारी के सम्मान को बहुत महत्व दिया गया है। संस्कृत में एक श्लोक है- यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।।

इंदौर संपादक 08-03-2022, 03:15 am

अरसीकेरे कर्नाटक का भव्य प्राचीन सहस्रकूट मंदिर

डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर कर्नाटक का अरसीकेरे एक प्रमुख जैन केंद्र था। कहा जाता है कि यहाँ होयसलाओं के दौरान कई जैन मंदिर थे। अरसीकेरे शहर न केवल राजा वीरा बल्लाला-द्वितीय द्वारा निर्मित शिवालय है, बल्कि वह जगह भी है जहां कम विख्यात सहस्रकूट जिनालय, उसी काल की एक जैन ब

इंदौर संपादक 02-03-2022, 03:35 am

जब फूट फूट कर रो पड़ी दस्यु सुन्दरी फूलन देवी -डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर

डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर जीवन में अनगिनत उतार-चढ़ाव देखने वाली फूलन देवी के एक मासूम लडक़ी से दस्यु सुंदरी बनने के किस्से आज भी चंबल के बीहड़ों में सुने और सुनाए जाते हैं। एक समय था जब दस्यु सुन्दरी फूलन देवी के नाम से आंचलिक सम्पन्न परिवार ही नहीं डाकू गिरोह भी दहशत ख

इंदौर संपादक 28-02-2022, 01:27 pm