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समसामयिक एवं धार्मिक विषयों पर विशेष आलेख

निर्वाण लाडू क्यों ?- पूज्य आदित्य सागर जी महाराज

निर्वाण लाडू क्यों ? पूज्य आदित्य सागर जी महाराज बन्धुओं ! हम सभी जिनेन्द्र देव के आराधक इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं कि हमारे आराध्य अरिहंत - सिद्ध परमेष्ठी किसी भी तरह का आहार ग्रहण नहीं करते हैं , तो हमारे मन में यह जिज्ञासा होना स्वाभाविक है कि फिर हम निर्वाण दिवस पर लाडू

इंदौर • Shreephal Jain News • 25-10-2022, 08:35 pm

निर्वाण दिवस पर जानें महावीर स्वामी को

जैन धर्म के 24वें तीर्थकर महावीर स्वामी 599 ईसा पूर्व में वैशाली गणतंत्र के क्षत्रियकुंड नगर में इक्ष्वाकु वंश के राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के यहां चैत्र महीने की त्रयोदशी के दिन एक साधारण बालक के रुप में जन्मे थे। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के बालक वर्धमान ने कठिन तप और संयम

इंदौर • Shreephal Jain News • 24-10-2022, 12:09 am

इस दीपावली करें महावीर बनने का संकल्प

जयपुर.मनीष गोधा । इस वर्ष एक बार फिर हम भगवान महावीर का निर्वाणोत्सव मनाने जा रहे हैं। सुबह मंदिरों में जा कर निर्वाण लाडू चढाएंगे और यह प्रार्थना करेंगे कि लड्डू के कण-कण की मिठास जैसा मोक्षफल हमें भी प्राप्त हो और शाम को दीप जला कर यह प्रार्थना करेंगे कि भगवान महावीर के संदेश क

जयपुर • मनीष गोधा • 22-10-2022, 12:43 am

भगवान महावीर के 2549 वे निर्वाणोत्सव 25 अक्टूबर 2022 पर विशेष : दीपमालिकायें केवलज्ञान की प्रतीक, करें अंतःकरण प्रकाशित

-डॉ सुनील जैन संचय, ललितपुर 25 अक्टूबर 2022 को भगवान महावीर स्वामी का 2549 वां निर्वाणोत्सव देश-विदेश में श्रद्धा पूर्वक धूमधाम से मनाया जाएगा। भगवान महावीर जैन धर्म के वर्तमानकालीन 24वें तीर्थंकर हैं। महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या को निर्वाण अर्थात् मोक्ष प्राप्त किया

इंदौर • Shreephal Jain News • 22-10-2022, 12:35 am

दीपावली-महावीर निर्वाणोत्सव

बाह्य नहीं, आंतरिक लक्ष्मी को पाने का पर्व आर्यिका स्याद्वादमती सब इस बार फिर दीपावली मनाने जा रहे हैं। इस अवसर पर भगवान महावीर निर्माणोत्सव पर लड्डू भी चढाएंगे, लक्ष्मी पूजन भी करेंगे, धनतेरस पर बर्तन भी खरीदेंगे और रूप चौदस पर खुद को संवारते हुए प्रतिदिन दीप जलाएंगे ..... पर क्

इंदौर • Shreephal Jain News • 21-10-2022, 03:21 pm

सबको खुशी देने वाली दीपावली मनाने का संकल्प लें

सबको खुशी देने वाली दीपावली मनाने का संकल्प लें अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर दीपावली पर्व आ रहा है। यह पर्व खुश होने और दूसरों को खुशियां देने वाला पर्व है। एक दूसरे को मुस्कान देने का पर्व है। जैन धर्म के अनुसार दीपावली भगवान महावीर का निर्वाण दिवस है, और हिन्दू धर्म के अनुसार भगवा

इंदौर • Shreephal Jain News • 20-10-2022, 06:59 pm

औरों को खुशियां देने से मनेगी सच्ची दिवाली

झिलमिल जैन(आस्था)| कहते हैं कि दिवाली हमेशा दिलवालों की होती है। चाहे गरीब हो या फिर अमीर, जिसका दिल बड़ा नहीं, उसकी दिवाली भी नहीं। दिवाली एक महान पर्व है, यह अपनी आत्मा में ज्ञान का दीपक जलाने का पर्व है, ठीक उसी तरह से, जिस तरह भगवान महावीर और भगवान राम ने जलाया था। गौतम स्वाम

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-10-2022, 10:18 pm

उत्सव पर प्रकृति को प्रदूषित करना ठीक नही

अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज भगवान महावीर के निर्वाण और गौतम गणधर के केलवज्ञान से जुड़ा पर्व दीपावली आ रहा है। सुबह तो महावीर भगवान को मोक्ष हुआ था और उसी दिन शाम को गौतम गणधर को केवलज्ञान प्राप्त हुआ था। ऐसे में दीपावली पर्व ना सिर्फ खुशी का पर्व है, बल्कि इसका धार्मिक महत्व

इंदौर • Shreephal Jain News • 19-10-2022, 09:26 pm

अवश्य मिलता है धर्म की निंदा का फल

झिलमिल जैन (आस्था) | हे भव्य आत्म, जो जीव धर्म की निंदा करते हैं और धर्म को गाली देते हैं, धर्म के मार्ग पर चले वाले व्यक्ति को उल्टा-सीधा बोलते हैं, उनका अपमान करते हैं, अपशब्दों का प्रयोग करते हैं, तो यकीन मानो वे जीव अपने कर्मो का बंध कर के नीच गति का बंध करते हैं और एक भव से

इंदौर • Shreephal Jain News • 15-10-2022, 10:56 pm

मुनिश्री के 14वे दीक्षा दिवस 14 अक्टूबर पर विशेष : आध्यात्मिक संत श्रमण श्री सुप्रभसागर जी मुनि  एक विलक्षण संत

मुनिश्री के 14वे दीक्षा दिवस 14 अक्टूबर पर विशेष : आध्यात्मिक संत श्रमण श्री सुप्रभसागर जी मुनि एक विलक्षण संत आलेख - डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर श्रमण परम्परा अत्यन्त प्राचीन, उन्नत और गरिमामय है।श्रमण-संस्कृति की गरिमा और महिमा युगों-युगों से बड़ी प्रभावक एवं लोकप्रिय रही है। श

इंदौर • Shreephal Jain News • 14-10-2022, 12:57 am

जिनेंद्र भगवान की भक्ति ही हरती है हमारे सारे संकट

झिलमिल जैन (आस्था) | जीवन में धर्म करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है और जब हम मेहनत धर्म के लिए करते हैं, तभी पुण्य को इकट्ठा कर पाते हैं। जब पुण्य इकट्ठा हो जाता है, तब सारे काम अपने आप बन जाते हैं। शत्रु भी हमारा मित्र हो जाता है। यह सब पुण्य की ही महिमा है। इसे हम आकृत पुण्

इंदौर • Shreephal Jain News • 13-10-2022, 01:30 pm

प्रभु भक्ति कैसे करें

झिलमिल जैन | जीवन में प्रभु भक्ति ही जीवन जीने का एक मात्र आधार है लेकिन हम सुख के समय अपने ही आराध्य प्रभु को भूल जाते हैं। शायद इसलिए दुखी हैं। अगर आज भी जितना समय हम दूसरों की बातो में और व्यर्थ के कार्य में लगाते हैं, उतना समय जिनेन्द्र भगवान की भक्ति में लगा दें तो हमारा जीव

इंदौर • Shreephal Jain News • 12-10-2022, 03:28 am

डिनर को लेकर अमेरिका और यूरोप में नया रुझान

जैन मुनियों-संतों के सूर्यास्त से पहले भोजन के सिद्धान्तों पर लौटे चिकित्सा विशेषज्ञ अब वही सच साबित हुआ जिसका उल्लेख हमारे ऋषि-मुनियों, विशेषकर जैन संतों ने अपने ग्रंथों में भोजन को लेकर किया है। दुनिया में लोग अब अपने स्वास्थ्य को लेकर फिर सचेत हुए हैं। चाहे वह लेट-नाइट कल्चर व

इंदौर • Shreephal Jain News • 11-10-2022, 05:31 pm

आदिवासियों को पारंपरिक हुनर से जोडऩे की जरूरत : अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर

आज विश्व आदिवासी दिवस है। आदिवासी, जैसा कि उनके नाम से पता चलता है, उपमहाद्वीप के शुरुआती निवासी हैं और वर्तमान की तुलना में वे पूर्व में बहुत बड़े क्षेत्रों में रहते थे। बड़ा सवाल यह है कि हम वास्तव में भारत के आदिवासियों के बारे में कितना जानते हैं? क्या हमें उनके बारे में जानन

इंदौर • संपादक • 09-08-2022, 02:32 am

कर्मं से न बंधकर मूल स्वरुप की रक्षा करना ही रक्षाबंधन हैं

मन में करुणा का भाव, अनुकम्पा, दया और वात्सल्य का अवलम्बन तभी रक्षाबंधन होगा सार्थक श्रीफल न्यूज़ के लिए प्रिया व्यास की रिपोर्ट https://youtu.be/h_2da3qCXCA वास्तव में कर्मों से न बंधकर मूल स्वूरप की रक्षा करना ही ‘रक्षाबंधन’ है। विष्णु कुमार मुनि ने बंधन को अपनाया। अपने पद को छो

इंदौर • Shreephal Jain News • 07-08-2022, 12:30 pm

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रक्षा वन्दन- अजित जैन,जयपुर

आज समय है, बंधन से परे वन्दन का। क्योंकि ... बंधन में गांठ भी है और मोह भी। वन्दन में गरिमा भी है और आदर भी बीते 5 दिन के हर पल, एक ऐसी दुनिया में बीते जहां लोग रक्षा के लिए समर्पित थे। बात चिकित्सालय की है। सरकारी अस्पताल की। एक ऐसी दुनिया, जहाँ हजारों लोग हैं। पर उन्हें सिर्फ द

इंदौर • Shreephal Jain News • 06-08-2022, 08:00 pm

पीछी में सोने-चाँदी की राखियाँ, वीतरागता या शिथिलाचार? - भावलिंगी संत श्रमणाचार्य विमर्शसागर मुनि

रक्षाबंधन पर्व पर विशेष................... रक्षाबंधन पर्व सिद्धांत की प्रयोगशाला में आचरण का शंखनाद है। जिनागम में सम्यक्त्वाचरण एवं संयमाचरण के जो सिद्धांत प्रतिपादित हैं, उनके परिप्रेक्ष्य में मुनि विष्णुकुमार और आचार्य अकंपनस्वामी आदि मुनिराज आचरण के प्रस्तोता हैं। सहज शुद्ध ज

इंदौर • Shreephal Jain News • 06-08-2022, 06:01 pm

अद्भुत थी तेइसवें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ जी की शोभा

जैन धर्म के तेइसवें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ जी का 4 अगस्त को मोक्ष कल्याणक है। भगवान पार्श्वनाथ का समय ईसा पूर्व नवीं शताब्दी एवं भगवान महावीर से दो सौ पचास वर्ष पहले का माना गया है। उनका जन्म उग्र वंश काशी (वाराणसी) नरेश अश्वसेनजी (विश्वसेन) की महारानी ब्राह्मी(वामा) देवी

इंदौर • Shreephal Jain News • 31-07-2022, 05:00 pm

संघर्ष से मुकाबला करना सिखाता है भगवान पार्श्वनाथ का जीवन चरित्र

मोक्ष सप्तमी पर विशेष आलेख रचनात्मक सूत्र प्रदान करती हैं तीर्थंकर पार्श्वनाथ की शिक्षाएं 04 अगस्त 2022 को मोक्ष सप्तमी लेखक - डॉ. सुनील जैन संचय तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जन्म बनारस के राजा अश्वसेन और रानी वामादेवी के यहां पौष कृष्ण एकादशी के दिन हुआ था। जैन परंपरा में वर्तमान में

इंदौर • Shreephal Jain News • 28-07-2022, 06:56 pm

मोबाइल से बच्चों का बड़ा नुकसान

श्रीफल न्यूज के लिए प्रकाश श्रीवास्तव की रिपोर्ट जयपुर। प्रौद्योगिकी और धर्म विरोधी नहीं, बल्कि पूरक होते हैं। धर्म यही कहता है जो दिखता है वह प्रायः सत्य नहीं होता है। अतः जीवन में धर्म पर विश्वास करना चाहिए ताकि जीवन का कल्याण हो सके। धर्म और प्रौद्योगिकी के लिए एक नैतिक संहिता

इंदौर • Shreephal Jain News • 22-07-2022, 12:30 am