🚩 तीर्थ यात्रा

तीर्थ यात्रा

सिद्धक्षेत्र, अतिशय क्षेत्र एवं नवीन तीर्थों का परिचय

इस मंदिर के गर्भगृह में है लाल पत्थर से बनी भगवान आदिनाथ की मूर्ति मूर्ति से बहते दूध ने बहा दिया अतिक्रमणकारियों को

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 1/9/2024, 5:00:45 am

अंग्रेजों ने यहां खजाने की तलाश में लगा दिए थे विस्फोटक, फिर क्या हुआ आपको जानकर होगी हैरानी खदानों से बह चुका है यहां दूध

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 25/8/2024, 5:00:52 am

इस अतिशय क्षेत्र में पर्वत के नुकीले पत्थर, कांटों से भरे झाड़-झंखाड़ बाधा नहीं बन सके साधना में 40 कि.ग्रा. ताम्रपत्र पर उत्कीर्ण 4 गुना 4 फुट वर्गाकार में हैं यहां महामंत्र

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 14/7/2024, 5:00:36 am

इस अतिशय क्षेत्र में जो इच्छाएं मांगते हैं, वे होती हैं पूरी क्या आपने देखे हैं ऐतिहासिक और चमत्कार के लिए प्रसिद्ध ये मंदिर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 7/7/2024, 5:00:44 am

मूर्ति प्रकट होने के बाद हुए हैं कई चमत्कार यहां मूर्ति मिलने के वक्त खेत में रुक गया था हल

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 30/6/2024, 5:00:09 am

कांच की चित्रकारी दर्शनीय है इस अतिशय क्षेत्र में स्वप्न में आया था कि खुदाई में मिलेगी भगवान की प्रतिमा

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 23/6/2024, 5:00:03 am

विशेष स्थान पर दूध गिरा देती थी गाय पांच दिवसीय लक्खी मेला भरता है इस अतिशय क्षेत्र में

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक लीलाओं के अतिशय (अद्भुत) घटनाएं मान्यता प्राप्त हैं। इन स्थलों पर जैन समुदाय के श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा-अर्चना करते हैं

इंदौर Rekha Jain 16/6/2024, 5:00:02 am

इन तीन प्रांतों में भी हैं जैन धर्म के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जैन मंदिरों की अनूठी शैली देखनी हो तो इस राज्य में जाइए

भारत में जैन धर्म के कई पवित्र तीर्थ स्थल हैं, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ये स्थल जैन समुदाय के लिए प्राचीनतम और महत्वपूर्ण स्थलों में से कुछ हैं। ये स्थल जैन समुदाय के श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध हैं, जहां वे अपने धार्मिक और ऐतिह

इंदौर Rekha Jain 9/6/2024, 3:00:19 pm

भगवान महावीर से मोक्ष और आशीर्वाद पाने आते हैं यहां 22 तीर्थंकर मोक्ष गए हैं भारत के इस राज्य से

गुजरात में जैन तीर्थ स्थलों में पालीताणा, गिरनार, कोठारा, नलिया, तरंगा और सोनगढ़ जैसे स्थान शामिल है। गुजरात में सबसे सुंदर जैन मंदिर पालीताणा जैन मंदिर है। 3800 से ज्यादा पत्थर की सीढ़ियों के साथ चढ़ाई आसान नहीं है, लेकिन यह हर साल हजारों भक्तों को वहां जाने से नहीं रोक पाता। गु

इंदौर Rekha Jain 2/6/2024, 5:00:55 am

जानिए भारत के किन पांच राज्यों में हैं कौनसे जैन तीर्थ स्थल : सम्मेद शिखर जी है 20 तीर्थंकरों की मोक्षस्थली

जैन तीर्थ क्षेत्रों की यात्रा करने को जैन धर्म में महत्वपूर्ण माना जाता है, और अनेक श्रद्धालु इन स्थलों पर अपने आध्यात्मिक साधना और समाधान के लिए यात्रा करते हैं। आंध्रप्रदेश, असम, हरियाणा, झारखंड और ओडीशा के अतिशय क्षेत्रों की जानकारी दे रही हैं श्रीफल जैन न्यूज की संपादक रेखा ज

इंदौर Rekha Jain 26/5/2024, 5:00:25 am

कई तीर्थंकरों की जन्म और कर्म स्थली है भारत का यह राज्य : बिहार के कुंडग्राम में हुआ था भगवान महावीर स्वामी का जन्म

पार्ट 1 https://www.shreephaljainnews.com/the-_flag_-of_-jin-_religion_-is-_waving-_on_-the_-exquisite_-peak_-of_-the_-temples/ पार्ट 2 https://www.shreephaljainnews.com/jain_-temples_-of-_rajasthan_-built_-with_-amazing_-carvings_-and-_grandeur/ पार्ट 3 https://www.shreephaljain

इंदौर Rekha Jain 19/5/2024, 5:00:57 am

जैन धर्म और आस्था का प्रमुख केंद्र है उत्तर भारत का यह राज्य : 6 तीर्थंकरों की जन्मस्थली है उत्तरप्रदेश

उत्तर प्रदेश का जैन धर्म से प्राचीन संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश की विशाल भूमि जैन तीर्थ यात्रियों से भी समृद्ध है। उत्तर भारत का यह राज्य 6 जैन तीर्थंकरों ऋषभ नाथ, अजीत नाथ, अभिनंदन नाथ, सुमति नाथ, अनंतनाथ और पार्श्वनाथ का जन्म स्थान भी रहा है। जबकि पहले पांच ने अपने जन्म के साथ अ

इंदौर Rekha Jain 12/5/2024, 5:00:48 am

तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व पुराना है कर्नाटक में जैन धर्म का इतिहास : श्रवणबेलगोला और अन्य जैन मठों की स्थली है दक्षिण भारत का यह राज्य

कर्नाटक दक्षिण भारत का एक राज्य है जिसका जैन धर्म के साथ एक लंबा संबंध है। कर्नाटक के साथ जैन धर्म का ऐतिहासिक जुड़ाव तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से है। कर्नाटक में जैन धर्म से संबंधित कई स्मारक हैं। जैन स्मारकों में छोटे मंदिर जैन मंदिर, आगम ममता की मूर्तियां और स्तंभ शामिल हैं। पढ़

इंदौर Rekha Jain 5/5/2024, 5:36:46 am

महाराष्ट्र का सबसे पुराना शिलालेख है प्राकृत भाषा में लिखा गया जैन शिलालेख : कई करोड़ मुनि मोक्ष गए हैं यहां के सिद्धक्षेत्रोंं से

महाराष्ट्र में जैन धर्म का एक लंबा इतिहास है। महाराष्ट्र में सबसे पुराना शिलालेख पुणे जिले के पाले गांव के पास एक गुफा में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व का जैन शिलालेख है। यह जैन प्राकृत में लिखा गया था और इसमें णमोकार मंत्र शामिल है। ज्ञात पहला मराठी शिलालेख श्रवणबेलगोला, कर्नाटक में

इंदौर Rekha Jain 28/4/2024, 3:05:56 pm

जैन धर्म के साथ बहुत ऐतिहासिक संबंध रहा है राजस्थान का : अद्भुत नक्काशी और भव्यता के साथ बने हैं राजस्थान के जैन मंदिर

राजस्थान में अनेकों प्रसिद्ध भव्य जैन मंदिर, स्मारक तथा भवन हैं। इनमें माउंट आबू तथा दिलवाड़ा के विख्यात जैन मंदिर भी शामिल हैं। रणकपुर मंदिर उदयपुर से 96 किलोमीटर की दूरी पर है। यहां तीर्थों का राजा श्री महावीर जी भी यही स्थित है। ये मंदिर राजस्थान की संस्कृति, धार्मिकता और ऐतिह

इंदौर Rekha Jain 7/4/2024, 5:00:09 am

पग पग जिन दर्शन डग डग तीर्थ वंदन को साकार करता है मध्यप्रदेश : मंदिरों के उत्तम शिखर पर लहरा रही है जिन धर्म की पताका

प्राचीन काल में मध्यप्रदेश जैन संस्कृति का समृद्ध इलाका रहा होगा, जहां आध्यात्मिक और धार्मिकता का प्रभाव जीवन के मूल धारा में सहज ही होता होगा। इसी कारण यहां विपुल मात्रा में मंदिर बने, काल के प्रभाव से नष्ट भी हुए लेकिन भूगर्भ में प्रतिमाएं सुरक्षित रहीं, जो समय-समय पर पूर्णआत्म

इंदौर Rekha Jain 31/3/2024, 5:00:00 am

900 वर्ष प्राचीन भगवान अरनाथ स्वामी भूगर्म से निकले 1960 में किया गया भौयरे का जीर्णोद्धार

सन् 1959 में पं गुलाबचंद पुष्प ककरवाहा से व्यापार हेतु कुछ साथियों के साथ ग्राम नावई गांव से निकले। वहां टीले के ऊपर विशालकाय इमली के पेड़ के नीचे बहुत सी खंडित जैन मूर्तियां झाडिय़ों के झुरमुट एवं पत्थरों का ढेर देखा। एक ग्रामीण वहां नारियल समर्पित कर मनौती मांग रहा था। उसने चर्

इंदौर Shreephal Jain News 26/3/2024, 5:34:33 pm

संतों -त्यागियों की सामाजिक उपेक्षा से पीड़ित थे आचार्य श्री योगींद्र सागर महाराज : त्यागी, व्रतियों के आहार, वैयावृत्ति, सेवा के साथ-साथ जीवदया के लिए गौशाला की सम्पूर्ण उचित व्यवस्था होगी शीतल तीर्थ में

शीतल तीर्थ निर्माण की परिकल्पना आचार्य श्री योगींद्र सागर जी महाराज की है और उन्हीं की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से उनके ही निर्देशन में तीर्थ का निर्माण वर्ष 2009 में प्रारंभ हुआ था। आचार्य श्री के आशीर्वाद से उनके मनोभाव के अनुरूप यहां एक 51 फीट ऊंची कृत्रिम कैलाश पर्वत की पहाड़ी का

इंदौर संपादक 8/11/2023, 12:45:03 pm

तीर्थ परिचय : पावन सिद्ध स्थली... बावनगजा

कुंभकर्ण और मेघनाथ की निर्वाण स्थली विश्वप्रसिद्ध ५२ गज की आदिनाथ भगवान की प्रतिमा लेखक- आकांक्षा पाटनी - गुप्ता, इंदौर मेघनाथ व कुंभकर्ण की मोक्षस्थली... आदिनाथ भगवान की 84 फुट 52 गज ऊँची एक ही पाषाण में उकेरी उतंग प्रतिमा... मनोरम पहाड़ी... नयनाभिराम प्राकृतिक दृश्य और तलहटी में

इंदौर Shreephal Jain News 29/7/2022, 6:00:35 am

होम्बुज देवी में हर्षोल्लास से मनाया जाता है नवरात्र पर्व

धार्मिक संस्कृति से ओत-प्रोत भारत संसार का ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के पर्व और त्यौंहार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सभी धर्मों के त्यौंहार और पर्व यहां बड़े उल्लास, उमंग और श्रद्धा से मनाए जाते हैं। नवरात्रि जैसा त्यौंहार तो सभी को आन्तरिक शक्ति से परिपूर्ण कर देता है। इस लेख में

इंदौर संपादक 19/10/2020, 4:00:32 pm