सुख दुःख, जन्म मरण का मूल कारण है कर्म: धर्माचार्य कनकनंदी ने कर्मों की प्रभावकता के बारे में बताया
भिलुडा के पास शिवगौरी सेवाश्रम से अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में आचार्य श्री कनकनंदीजी ने बताया कि जो भी सुख-दुख जन्म मरण है, इसका मूल कारण कर्म है। राग, द्वेष, मोह आदि से कर्म बंध होता ही है। भूत-प्रेत आदि पाप के कारण है। बांसवाड़ा से अजीत कोठिया की यह रिपोर्ट... बांसवाड़ा । भिलुडा के
इंदौर • Shree Phal News • 23-05-2026, 01:22 am





















