आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 34 साधुओं सहित मंगल प्रवेश : मुनि श्री विनम्र सागर जी ने चरण वंदना कर भव्य अगवानी की
भगवान की प्रतिमा उपदेश देती है कि रत्नत्रय मार्ग से शाश्वत मोक्ष सुख प्राप्त होता है। जिन्होंने आत्मा को पहचान लिया वही आत्म साधक होते हैं। यह उद्गार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मालवीयनगर में प्रवेश के बाद व्यक्त किए। जयपुर से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर... जयपुर। आचार्य श्
इंदौर • Shree Phal News • 8/3/2026, 9:55:00 pm




















