स्मृति शेष : विरागसागर जी महाराज जब कांच मंदिर पधारे
गणाचार्य विरागसागर जी महारजा जब कांच मंदिर पधारे, तब परम पूज्य भरत सागर जी महाराज भी यहीं विराजमान थे। दोनों शीशमहल में मिले, भरत सागर जी उच्च आसन पर विराजमान थे, विराग सागर जी को देखते बोले , आ जाओ इसी पर बैठ जाओ, दोनों एक सिहांसन पर बैठे। दोनों ने ही खूब हंसते मुस्कुराते चर्चा
इंदौर • Shreephal Jain News • 05-07-2024, 07:01 pm



















