धर्म प्रभावना रथ के दूसरा पड़ाव का 14वां दिन : पुरानी चीजों को लेकर बैठने से नकारात्मक भाव पैदा होते हैं - मुनि पूज्य सागर
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के दूसरे पड़ाव के 14वें दिन हाई लिंक सिटी में बड़ी भक्ति भाव से भक्तामर महामंडल विधान का हवन द्वारा समापन हुआ। इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि भगवान की भक्ति-आराधना निश्चित रूप से पाप कर्म को नाश करने का कारण ब
इंदौर • Shreephal Jain News • 13-08-2024, 09:30 pm





















