धर्म प्रभावना रथ के चौथे पड़ाव के दसवें दिन हर्षोल्लास के साथ हुई धर्म प्रभावना : मन, वचन और काय से सात्विक व्यक्ति के आचारण को आर्जव धर्म कहा है - अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के चतुर्थ पड़ाव के दसवें दिन व पर्युषण पर्व के तीसरे दिन श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, संविद नगर, कनाडिया रोड पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ धर्म प्रभावना हुई। इस अवसर पर मुनि श्री ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए
इंदौर • Shreephal Jain News • 10-09-2024, 11:40 pm





















