आचार्य श्री वर्धमान सागर निलय का किया शिलान्यास : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने कहा- जैन कुल वीतरागी, सर्वज्ञ, हितोपदेशी तीर्थंकरों का कुल है
प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी धोद सीकर में 36 साधुओं सहित विराजित हैं। तीन दिवसीय 37 वां आचार्य पदारोहण महोत्सव श्रुत संरक्षण वात्सल्य दिवस के तहत बुधवार को
इंदौर • Shree Phal News • 15-07-2026, 11:35 pm





















