ज्ञान की आंख खुलते ही टूटती है मोह की नींद: निर्यापक मुनि श्री समतासागर जी ने सपने, मोह की निद्रा, जाग्रति, अनुप्रेक्षा और सम्यक पुरुषार्थ का किया गहन विवेचन
निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने वॉट इज लाइफ श्रृंखला के तहत लाइफ इज ए ड्रीम विषय पर जीवन के सपने, मोह की निद्रा, जाग्रति, अनुप्रेक्षा और सम्यक पुरुषार्थ का गहन विवेचन किया। कुण्डलपुर से पढ़िए, राजीव सिंघई की यह खबर...
कुण्डलपुर • राजीव सिंघई • 09-09-2026, 06:33 pm




















