थाली में अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागर महाराज के चरण अंकित हुएः प्रत्येक अमावस्या को एक देव शक्ति आती हैं
बड़वाह से सिद्धवरकूट विहार कर रहे अंतर्मुखी मुनि श्रीपूज्य सागरजी महाराज के रास्ते में श्रावकों द्वारा पाद प्रक्षालन किया गया, तो उसी थाली में मुनिश्री के चरण अंकित हो गए। सिद्धवरकूट विहार के दौरान बड़वाह के श्रावक ने अपने घर व प्रतिष्ठान पर पाद प्रक्षालन किया। पढ़िए सनावद की यह पूर
इंदौर • Shreephal Jain News • 14-03-2025, 01:35 am
























