तीर्थंकर की अलग-अलग प्रतिमाओं के साथ चतुर्विंशंती तीर्थंकर प्रतिमाएं बनने की परम्परा रही हैः प्रमुख केंद्रीय तीर्थंकर कायोत्सर्ग मुद्रा में
जैन धर्म के तीर्थंकरों की प्रतिमाओं के बारे में जानकारिया दी जा रही है। वर्द्धमानपुर शोध संस्थान से जुडे़ ओम पाटोदी हमें इस बारे में नई एवं खोजपूर्ण जानकारियॉ उपलब्ध करवा रहे है। इस बार वे चतुर्विशंती मूर्तियों के महत्व के बारे में विशेष जानकारी दे रहे है। वे इसकी प्राचीन गौरवगाथ
इंदौर • Shreephal Jain News • 28-03-2025, 09:02 pm





















