सामर्थ्य अनुसार साधु-संतों को आहारदान अवश्य करेंः दान में सबसे ज्यादा महत्व आहारदान का है-मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज
अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन आदिनाथ पुराण का वाचन हो रहा है। मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज ने आहारदान के विषय पर अपना ध्यान आकर्षित करते हुवे कहा कि जैन धर्म में दान का बहुत महत्व है और दान में सबसे ज्यादा महत्व आहारदान का है। पढ़िए सनावद की यह पूर
इंदौर • Shreephal Jain News • 02-04-2025, 12:19 am





















