रत्नत्रयवर्धिनी ग्रीष्म कालीन वाचना के लिए कलश स्थापना: श्रीजी का अभिषेक कर शांतिधारा की
आचार्य श्री 108 श्री विनम्रसागर जी महाराज ससंघ का अल्प प्रवास सनावद में है। श्री पार्श्वनाथ मंदिर एवं सुपार्श्वनाथ मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा कराई गई। आचार्य श्री विनम्र सागर जी ने ग्रीष्म काल में वाचना के निमित्त आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना संत निलय में रत्नत्रयवर्
इंदौर • Shreephal Jain News • 30-05-2025, 03:39 am




















