संस्कारों से ही संस्कृति रहेगी सुरक्षित : आचार्य श्री निर्भयसागरजी ने कहा - संत के साथ जुड़ा व्यक्ति कभी अधर्म नहीं कर सकता
ललितपुर के पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर में विराजमान वैज्ञानिक संत आचार्य निर्भयसागर जी महाराज ससंघ ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृति का संरक्षण संस्कारों के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने श्रावकों को चार प्रमुख सुखों का अनुसरण करने का संदेश भी दिया। पढ़िए अक्षय अलय की पू
ललितपुर • Shreephal Jain News • 07-08-2025, 11:05 pm
































