उत्तम छिमा गहो रे भाई, इह भव जस, पर भव सुखदाई : ज्ञान, ध्यान एवं संयम की आराधना का पर्व पर्यूषण- प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन
गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ अयोध्या में विराजित हैं। यहां पर धर्म आराधना और भगवान के अभिषेक पूजन आदि विधान की नित्य सेवा हो रही है। गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के संघस्थ ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य विजयकुमार जैन ने उत्तम क्षमा धर्म के बारे में कहा कि ‘उत्तम छिमा गह
इंदौर • Shreephal Jain News • 27-08-2025, 07:40 pm





















