लालच की तृप्ति और लोभ ही पाप का कारक: मुनि श्री गुरु दत्त सागर ने धर्मसभा में लालच और लोभ से बचने के लिए किया प्रेरित
श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को आयोजित धर्मसभा में मुनि श्री गुरुदत्त सागर ने कहा कि लोभ ही पाप का बाप है। उन्होंने कहा कि लोभ यानी लालच इंसान को गलत रास्ते पर ले जाता है। जब मन में लोभ घर करता है तो व्यक्ति चोरी, झूठ और दूसरों को नुकसान पहुँचाने जैसे पाप कर्मों में
इंदौर • Shreephal Jain News • 17-09-2025, 01:05 am





















